बिहार के दरभंगा ब्लास्ट के मामले में कैराना के दो युवक कासिम उर्फ कफील और सलीम उर्फ टुइया से एनआईए और एटीएस की टीम पूछताछ कर रही है। दोनों युवकों का आईएसआई से कनेक्शन होना भी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सलीम पाकिस्तान के इकबाल काना के संपर्क में था।
गहराए राज: दरभंगा विस्फोट का क्या है काना कनेक्शन, तीन इंच की शीशी ने मचाई हलचल, शामली के लेडीज सूट कारोबारी रडार पर
शामली के कैराना थाना क्षेत्र निवासी सलीम ने इकबाल काना के इशारे पर अपने गांव के ही दोस्त कासिम उर्फ कफील को अपने प्लान में शामिल कर लिया। इसके बाद ही सलीम ने तेलंगाना के सिकंदराबाद के युवकों से मिलकर दरभंगा ब्लास्ट की साजिश की।
इस मामले में दोनों का कनेक्शन होने का इनपुट पुलिस के एक अधिकारी को मिला था। इसके बाद दोनों को शामली पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में एनआईए-एटीएस की टीम ने भी कैराना में डेरा डाल दिया। अब सुरक्षा एजेंसियों ने पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला है और पड़ताल जारी है। पुलिस का दावा है कि दोनों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
दो दिन में महत्वपूर्ण सुराग लगे हाथ
सलीम और कासिम से सुरक्षा एजेंसियों ने दो दिन तक लगातार पूछताछ की। इसमें महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही गई है। दरभंगा ब्लास्ट में दोनों की भूमिका कितनी है, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि दरभंगा ब्लास्ट में सलीम की पूरी भूमिका हो सकती है।
काना से भी मिल रहा कनेक्शन
दरभंगा विस्फोट मामले में पकड़े गए सलीम उर्फ टुइया का कनेक्शन पाकिस्तान में रह रहे इकबाल काना से मिला है। माना जा रहा है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इकबाल के जरिए ही सलीम से संपर्क साधा है।
नकली नोटों और असलहा का सौदागर कैराना के इकबाल उर्फ काना ने पाकिस्तान में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। कबाल 1995 में पिस्टल की खेप पकड़े जाने के बाद परिवार समेत पाकिस्तान भाग गया। वह वहां आईएसआई से जुड़ा है। जांच टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सलीम उर्फ टुइया भी इकबाल काना के संपर्क में है।
लेडीज सूट के कारोबारियों पर नजर
जिस पार्सल में विस्फोट हुआ, उसमें लेडीज सूट मिले हैं। पार्सल पर शामली का नंबर लिखे मिले हैं। ऐसे में पश्चिमी यूपी में हलचल तेज हो गई है। वहीं खुफिया एजेंसियों द्वारा लेडीज सूट का कारोबार करने वाले कई व्यापारियों पर नजर रखी जा रही है।