मौसम का मिजाज़ बदलते ही पश्चिमी यूपी में खतरनाक मच्छरों का डर बढ़ गया है। डेंगू और चिकनगुनिया का लोगों में खौफ चढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश भर में अब तक डेंगू और चिकनगुनिया के कई मरीज सामने आए हैं। वहीं अब तक डेंगू के कई मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। आइए जानते हैं कैसे डेंगू -चिकनगुनिया व वायरल जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है और क्या रखें सावधानी:-
ये है अभी का हाल
डेंगू और चिकनगुनिया का घातक वार शुरू हो गया है। मेरठ में डेंगू के अब तक तीन मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनके अलावा मलेरिया और वायरल के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल मेरठ में डेंगू के 660 मरीज मिले थे,जबकि 2016 में 183 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि मौसम में नमी आने के बाद मच्छर द्वारा जनित रोगों की आशंका और बढ़ गई है ऐसे में मेरठ में स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अलर्ट है और जगह जगह इससे निपटने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
वायरल का प्रकोप
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
यूपी के मुजफ्फरनगर में कस्बा और देहात क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप है। सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरकारी और प्राईवेट डाक्टरों के यहां मरीजों की भारी भीड़ है। क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। यहां मलेरिया, चिकनगुनिया बुखार से लोग सर्वाधिक पीड़ित हैं। आलम यह है कि सरकारी अस्पताल के अलावा कस्बे के प्राइवेट डाक्टरों के क्लीनिकों पर मरीजों की भीड़ है। बुखार से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई रोगियों की भरमार है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट
बिजनौर में बाढ़ग्रस्त इलाकों में डेंगू पर वार के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डेंगू के लार्वा को जड़ खत्म करने के लिए जिले में 14 टीमों का गठन किया गया है। नगर पंचायतों के वार्डों में लार्वा साइट पर छिड़काव शुरू करा दिया गया है। साथ ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण ने बताया कि आमतौर मलेरिया, डेंगू और वायरल फीवर के लक्षण अन्य बुखार की तरह से ही होते हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर इसकी अवस्था गंभीर हो सकती है। इसलिए इसके प्रति सावधानी बरतना बेहद ही आवश्यक है।
बच्चों पर तेजी से असर करता है वायरल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बड़ों की अपेक्षा बच्चों में यह तेजी से फैलता है। कहना है कि बारिश होने के बाद धूप निकलने पर इसका संक्रमण अत्यधिक तेजी से सक्रिय हो जाता है। सावधानी ही इसका बेहतर उपचार है। घरों में रखे कूलर,टंकी आदि में मलेरिया एवं डेंगू के लार्वा ज्यादातर पनपता है। सभी गृह स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस मौसम में जो बीमारियां फैल रही हैं उनमें डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार, जापानी इंसेफिलाइटिस आदि के मरीज चिकित्सालयों में पहुंच रहे हैं।