मेरठ के लावड़ में बसपा नेता मनोज की हत्या के पीछे की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की तरह है। वर्ष 2008 में फहीमपुर जिला मुजफ्फरनगर निवासी अमित की लावड़-चिंदौड़ी मार्ग पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान उसका बेटा अतुल छोटा था। इस हत्या में मनोज विहान पर मुखबरी करने का आरोप लगा था। हालांकि, यह मुकदमा खारिज हो चुका है, लेकिन अतुल तभी से रंजिश रखता था।
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रिंकू ने बताया कि अमित की फहीमपुर गांव में भी रंजिश थी। वहां दो हत्याएं हो चुकी हैं। इस रंजिश के चलते अमित मकान और खेती की जमीन बेचकर चिंदौड़ी गांव में अपनी ससुराल में आ गया था। यहां,अपना मकान और जमीन खरीद ली थी। अब मनोज की मौत के बाद परिजनों का बुरा हाल है। पत्नी आशा देवी, बेटा प्रशांत को परिजन और ग्रामीण सांत्वना दे रहे थे। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव रालोद कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और एसएसपी प्रभाकर चौधरी से जल्द कार्रवाई की मांग की।
रिंकू के मुताबिक अतुल उनके घर पर पहले भी फायरिंग कर चुका था। उन्होंने घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे। घटना से पहले मनोज घर के बराबर में गांव निवासी कालीचरण शर्मा के यहां बैठा था। इस दौरान वह कैमरे की नजर में था। जैसे ही वह वहां से हटा तो हत्या कर दी गई। हालांकि संभावना है कि आरोपी आसपास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए होंगे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है।
पिता की हत्या की तरह दिया घटना को अंजाम
अमित की हत्या के दौरान आरोपियों ने पहले गोली मारी। इसके बाद अमित भागने लगा। फिर भागने समय जान जाने तक गोलियां बरसाते रहे। शनिवार को अतुल ने अपने साथियों के साथ मनोज पर पहली गोली दागी और उसके भागने पर गोलियां चलाई। जब मनोज गोली लगने के बाद गिर गया तो हत्यारे उस पर गोलियां चलाते रहे।
मेरे घर पर यह क्या कर रहे हो
मनोज की हत्या के दौरान जैसे ही हरेंद्र ने अतुल से कहा कि यह क्या कर रहे हो मेरे घर पर गोली क्यों मार रहे हो। तो दूसरे बदमाश ने हरेंद्र पर तमंचा तान दिया और गोली मारने का प्रयास किया। लेकिन, गोली अटक जाने के कारण हरेंद्र को गोली नहीं लग सकी। वहीं, इस घटना को छत के ऊपर से देख रही हरेंद्र की पुत्रवधू की चीख निकल गई और वह छत पर ही बेसुध हो गई।