राजधानी दिल्ली में दिसंबर 2012 में हुए निर्भिया कांड के सात साल बाद भी देश में ऐसी घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही है। जहां हैदराबाद में हुई घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। वहीं बागपत में तीन साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने लोगों को आवाज उठाने पर मजबूर कर दिया है। सिस्टम से सवाल है कि आखिर देश में इस तरह की घटनाएं कब बंद होंगी? आइए अगली स्लाइडों में जानते हैं कि पश्चिमी यूपी में कब- कब इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
#KabTakNirbhaya शर्मसार करती हैं ये घटनाएं, हैदराबाद से पहले मेरठ में दो छात्राओं को जलाया था जिंदा
ताजा मामला हैदराबाद का
हैवानियत में कुछ लोगों ने एक युवा महिला पशु चिकित्सक (27) के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे जिंदा ही जला दिया। इसके बाद उसकी अधजली लाश को पुल से नीचे फेंक दिया गया। जिस तरह दिल्ली में निर्भया को मदद का भरोसा देकर बस में बैठा लिया गया था, उसी तरह यहां भी मदद का झांसा देकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पेशे से ट्रक ड्राइवर और उसके सहायक हैं। पीड़िता की छोटी बहन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करके बताया था कि बुधवार रात नौ बजकर 22 मिनट पर उसकी अपनी बड़ी बहन से बात हुई थी और उसने कहा था कि वह एक टोल प्लाजा के पास है और किसी ने उसकी स्कूटी के टायर की हवा निकल दी है। इस दौरान वह लोगों से मदद की आस में थी कि कुछ दरिंदों ने इस वारदात को अंजाम दे डाला।
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बागपत में तीन साल की मासूम से दुष्कर्म
छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 सितंबर को तीन साल की बच्ची को उसका तहेरा भाई नमकीन दिलाने के बहाने घर से ले गया था। युवक ने जंगल में ले जाकर बच्ची से दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से 29 अक्तूबर को गिरफ्तार किया और 30 अक्तूबर को जेल भेजा था।
वहीं एडीजे प्रथम कोर्ट ने बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में महज पांच दिन में सुनवाई पूरी कर मिसाल पेश की है। कोर्ट ने शनिवार को आरोपी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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पिछले साल मेरठ के सरधना में एक छात्रा को जिंदा जला दिया गया था
सरधना में कुछ मनचलों ने 17 अगस्त 2018 को छेड़छाड़ का विरोध करने पर घर में घुसकर छात्रा के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई थी। छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर किया गया था। जहां उसका संफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। करीब 19 दिन जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार छात्रा ने दम तोड़ दिया था।
इस मामले में आरोपियों को जेल भेज दिया गया था लेकिन कुछ दिन बाद ही आरोपी जमानत पर छूटकर आ गए थे।
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ऐसी ही एक घटना मेरठ के दौराला में भी हुई थी
मेरठ में दौराला थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते मई महीने में एक युवक द्वारा दूसरे समुदाय के व्यक्ति के घर में घुसकर उसकी 14 वर्षीय बेटी पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का मामला सामने आया था।
बताया गया था कि पीड़ित किशोरी अपने माता-पिता के साथ घर की छत पर सो रही थी। आरोप है कि इस दौरान अनुज पुत्र रामनिवास बोतल में केरोसिन लेकर पहुंचा और किशोरी पर उडे़लकर आग लगा दी। पुलिस ने किशोरी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था। इस मामले में एसपी सिटी ने किशोरी की मां की तहरीर पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है था।
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