मुजफ्फरनगर के मोरना में दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं होने से नाराज भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आला अफसरों पर पीड़ित परिवार की अनदेखी करने का आरोप मढ़ा। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण ही पीड़ित परिवार पलायन करने को मजबूर हो गया। पांच दिन में हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर चौधरी चरण सिंह चौक पर चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी गई।
दवा विक्रेता हत्याकांड: नहीं पकड़े गए आरोपी, सवालों के घेरे में अफसर, पंचायत में जमकर नारेबाजी
दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की हत्या और फिर पीड़ित परिवार के कस्बे से पलायन को लेकर पुलिस-प्रशासन के प्रति लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। हत्या के एक सप्ताह बाद भी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से राजनीतिक दलों के साथ ही व्यापारियों ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीएम-एसएसपी का घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से न मिलना भी लोगों को उद्वेलित कर रहा है।
बुधवार को भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ने इसे लेकर अफसरों को आड़े हाथों लिया। रामलीला चौक पर हुई पंचायत में भाजपा नेता ने डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव की संवेदनहीनता के चलते पीड़ित परिवार द्वारा पलायन किए जाने का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराए जाने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया। भाकियू जिला महामंत्री सवेंद्र राठी और मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष परवेंद्र सिंह ने पुलिस-प्रसासन को पांच दिन के भीतर हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा करने का समय देते हुए कस्बे के चौधरी चरणसिंह चौक पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
15 मिनट की चेतावनी पर पहुंचे सीओ-इंस्पेक्टर
कस्बे के रामलीला चौक पर हुई पंचायत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अफसरों ने पंचायत से दूरी बनाए रखी। यह देख भाजपा नेताओं ने अफसरों को 15 मिनट के भीतर पंचायत स्थल पर पहुंचने की चेतावनी दी, जिसके बाद सीओ सोमेंद्र सिंह नेगी व इंस्पेक्टर संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। वहां भाजपा नेताओं ने उन्हें अपने साथ ही जमीन पर नीचे बैठाते हुए मामले में हुई पुलिस प्रगति की जानकारी ली।
दुकानें बंद, पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
दवा विक्रेता की हत्या व उसके परिवार के पलायन के विरोध में बुधवार को रामलीला चौक में हुई पंचायत में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इससे पहले पंचायत स्थल व आसपास के बाजार में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। पंचायत के बाद ही दुकानें खोली गईं, लेकिन बाजार में ग्राहकों का टोटा रहा।