{"_id":"6aa1d43e44a6b17e7a0dab44","slug":"now-stf-has-srikant-and-20-agents-on-its-radar-bareilly-news-c-4-bly1015-963610-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अब एसटीएफ के रडार पर श्रीकांत और 20 एजेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अब एसटीएफ के रडार पर श्रीकांत और 20 एजेंट
Thu, 10 Sep 2026 03:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 10 Sep 2026 03:18 AM IST
विज्ञापन
बरेली। चिटफंड कंपनी अमर ज्योति में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोपी 50-50 हजार रुपये के इनामी सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ के रडार पर कंपनी के 20 एजेंट और सूर्यकांत, शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत पर हैं।
बदायूं और बरेली के रहने वाले यह आठ एजेंट की कंपनी में कर्ताधर्ता थे। मई 2025 में घोटाला सामने आने के बाद से ही श्रीकांत पूरी तरह से भूमिगत है। उसे किसी ने नहीं देखा। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों भाइयों ने 10 साल पहले अमर ज्योति नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी। कंपनी के जरिए लोगों को पैसा जमा करने पर दो से तीन गुना तक मुनाफा देने का लालच दिया गया। आरोपियों ने बरेली से लेकर बदायूं तक 200 से ज्यादा एजेंट बनाए। एजेंटों के जरिए शिक्षकों, वकीलों, महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया और करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली।
मई 2025 में कंपनी का काला-चिट्ठा सामने आने लगा तो श्रीकांत के जरिए दोनों भाइयों ने कई करोड़ की संपत्ति की बिक्री कर दी और भूमिगत हो गए। श्रीकांत अब भी भूमिगत है। अधिकारियों के कहना है कि श्रीकांत अब भी भूमिगत है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि कुछ एजेंट जमानत पर बाहर आ गए हैं। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। श्रीकांत व अन्य एजेंटों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
बार-बार ठिकाना बदल रहा श्रीकांत, मोबाइल नहीं कर रहा इस्तेमाल
सूर्यकांत और शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत बार-बार ठिकाना बदल रहा है। मंगलवार को सूर्यकांत और शशिकांत के लखनऊ से गिरफ्तार होने से पहले श्रीकांत की लोकेशन भी लखनऊ में मिली थी। दोनों भाइयों के पास से मिले मोबाइल फोन में पुलिस व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। दोनों भाई फ्री बाईफाई कनेक्ट कर इंटरनेट कॉल के जरिए बात करते थे। दोनों के फोन में श्रीकांत का नंबर भी मिला था, लेकिन वह नंबर लगातार ऑफ जा रहा है। श्रीकांत की तलाश में एक टीम लखनऊ में है।
विज्ञापन
बदायूं और बरेली के रहने वाले यह आठ एजेंट की कंपनी में कर्ताधर्ता थे। मई 2025 में घोटाला सामने आने के बाद से ही श्रीकांत पूरी तरह से भूमिगत है। उसे किसी ने नहीं देखा। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों भाइयों ने 10 साल पहले अमर ज्योति नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी। कंपनी के जरिए लोगों को पैसा जमा करने पर दो से तीन गुना तक मुनाफा देने का लालच दिया गया। आरोपियों ने बरेली से लेकर बदायूं तक 200 से ज्यादा एजेंट बनाए। एजेंटों के जरिए शिक्षकों, वकीलों, महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया और करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली।
विज्ञापन
मई 2025 में कंपनी का काला-चिट्ठा सामने आने लगा तो श्रीकांत के जरिए दोनों भाइयों ने कई करोड़ की संपत्ति की बिक्री कर दी और भूमिगत हो गए। श्रीकांत अब भी भूमिगत है। अधिकारियों के कहना है कि श्रीकांत अब भी भूमिगत है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि कुछ एजेंट जमानत पर बाहर आ गए हैं। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। श्रीकांत व अन्य एजेंटों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
बार-बार ठिकाना बदल रहा श्रीकांत, मोबाइल नहीं कर रहा इस्तेमाल
सूर्यकांत और शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत बार-बार ठिकाना बदल रहा है। मंगलवार को सूर्यकांत और शशिकांत के लखनऊ से गिरफ्तार होने से पहले श्रीकांत की लोकेशन भी लखनऊ में मिली थी। दोनों भाइयों के पास से मिले मोबाइल फोन में पुलिस व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। दोनों भाई फ्री बाईफाई कनेक्ट कर इंटरनेट कॉल के जरिए बात करते थे। दोनों के फोन में श्रीकांत का नंबर भी मिला था, लेकिन वह नंबर लगातार ऑफ जा रहा है। श्रीकांत की तलाश में एक टीम लखनऊ में है।