कुछ पुलिस कर्मियों की बदनीयती पूरे महकमे की बदनामी करा रही है। लव जिहाद में मां प्रिया और बेटी कशिश की हत्या जैसे संगीन और संवेदनशील मामले में भी जहां पुलिस ने सांठगांठ कर हत्यारोपी शमशाद को बचाने की पूरी कोशिश की। वहीं, शिकायतकर्ता प्रिया की सहेली चंचल को हतोत्साहित करने में कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में अफसरों की चुप्पी पर बड़ा सवाल है।
मां-बेटी हत्याकांड: पुलिस की बदनीयती... खूब बदनाम हो रही खाकी, अब सामने आई ये बड़ी बात
हत्यारोपी शमशाद को बचाने के लिए पुलिस कर्मियों ने सच को सामने लाने के लिए लड़ने वाली चंचल को ही दोषी बनाने तक की कोशिश की। दरोगा की वायरल ऑडियो क्लिप भी गंभीर सवाल उठा रही है।
यह भी पढ़ें: लव जिहाद के ये पांच बड़े मामले, खौफनाक है हर वारदात, सन्न रह गए थे अफसर
ये था मामला
मेरठ जनपद के परतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भूड़बराल नई बस्ती में बुधवार तड़के चार बजे जब पुलिस ने शमशाद के मकान के बेडरूम का फर्श तुड़वाया तो मां-बेटी के कंकाल के साथ ही पुलिस की कारगुजारी भी उजागर हो गई।
इस खौफनाक प्रकरण से पर्दा उठाने के लिए तीन माह से भागदौड़ कर रही चंचल ने जो आरोप लगाए, उससे इस पूरे मामले की जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों की कलई भी खुल गई।
यह भी पढ़ें: बड़ा सवाल: शमशाद के पास कहां से आई दो करोड़ की संपत्ति, जांच के बाद खुलेंगे कई अहम राज
आरोप है कि शमशाद ने प्रिया और कशिश की 28 मार्च 2020 को ही हत्या कर दोनों के शव बेडरूम में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे। सुबूत मिटाने के लिए गड्ढे में काफी मात्रा में नमक भर दिया था। जिससे तीन महीने में दोनों शव गलकर कंकाल में बदल गए थे।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/