उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस ने उस पर पांच लाख का इनाम घोषित किया था। वहीं पश्चिमी यूपी में भी पुलिस को एक ऐसे ही कुख्यात की याद आ गई है। ढाई लाख का इनामी कुख्यात बदन सिंह बद्दो पिछले 15 माह से फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने फिर से उसकी तलाश शुरू कर दी है। आगे जानिए आखिर कौन है बदन सिंह बद्दो-
कौन है ढाई लाख का इनामी बदन सिंह बद्दो, जिसकी 15 माह से तलाश, पुलिस फिर भी खाली हाथ, तस्वीरें
पश्चिमी यूपी का कुख्यात बदन सिंह बद्दो 15 माह पहले पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उसे फर्रुखाबाद जेल से फतेहगढ़ पुलिस गाजियाबाद कचहरी में पेशी पर लाई थी। पेशी कराने के बाद बद्दो ने साथ आए पुलिसकर्मियों को मेरठ के होटल मुकुट महल में शराब पार्टी दी थी। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों को शराब में नशीला पदार्थ पिला दिया और वह आसानी से होटल से फरार हो गया था।
कौन है कुख्यात बदन सिंह बद्दो
बेरापुर टीपी नगर मेरठ निवासी बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर यूपी के मेरठ में रहने आ गए थे। बद्दो के पिता ने परिवार का जीवनयापन के लिए ट्रक ड्राइवर का काम शुरू किया था। फिर धीरे-धीरे वह खुद एक ट्रांसपोर्टर बन गए थे। वहीं सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा। इसी दौरान उसके संबंध इलाके के बदमाशों से हो गए। इसके बाद उसने शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया। बताया जाता है कि उसने 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा।
अब तक कर चुका इतनी वारदात
कुख्यात बदन सिंब बद्दो ने 1996 में एक वकील की हत्या की। इसके बाद साल 2011 में उसने मेरठ जिला पंचायत के सदस्य संजय गुर्जर का कत्ल कर दिया। वहीं साल 2012 में उसने एक केबल नेटवर्क के संचालक पवित्र मैत्रे को भी मौत के घाट उतार दिया। कुख्यात बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के मामले दर्ज हैं। यूपी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया तो दिल्ली पुलिस ने भी 50 हजार का इनाम रख दिया। बदन बद्दो के खिलाफ अब ढाई लाख का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बद्दो को 1996 में हुई थी सजा
मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को जमानत मिल गई थी। केस के विचारण के दौरान किशन की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने 2015 में केस मेरठ से गौतमबुद्ध नगर अदालत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। इसके बाद बद्दो को सजा सुनाई गई। कुछ माह बद्दो को नोएडा से फर्रुखाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।