शादी वाले घर में खुशी का माहौल था। डीजे पर घर के लोग और महिलाएं खुशियां मना रही थीं। बरात आने के 36 घंटे पहले सिरफिरे सागर ने घर में खूनखराबा कर डाला। जो सामने आया, उसी को गोली मार दी। युवती और उसके पिता की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। आगे स्लाइड्स में जानें आखिर कैसे एकतरफा प्यार में कातिल बन गया सिरफिरा आशिक:-
एकतरफा मोहब्बत में कातिल बना आशिक, शादी से चंद घंटों पहले खूनखराबा, पिता-पुत्री की हत्या
टीपी नगर की शिवपुरम कॉलोनी में शनिवार रात के करीब 12.30 बजे थे। राजकुमार के घर पर खुशी का माहौल था। बेटी आंचल की दो दिन बाद बिजनौर से बरात आनी थी। घर में नाच-गाना चल रहा था।
इसी दौरान घर के ही सामने रहने वाले सागर और उसके मौसेरे भाइयों ने आंचल के घर पर धावा बोल दिया। चारों आरोपियों के हाथ में तमंचे और पिस्टल थी। घर के गेट पर ही राजकुमार लेटे हुए थे। सबसे पहले सागर ने राजकुमार को गोली मारी।
पिता को गोली लगते ही आंचल आ गई। तभी दूसरी गोली आंचल को भी मार दी। गोली लगते ही पिता-पुत्री दोनों जमीन पर गिर गए। घर में कोहराम मच गया। छत पर मौजूद आंचल का भाई रमन भी दौड़कर नीचे आया, तभी आरोपियों ने उसे भी गोली मार दी।
पिता-पुत्री और भाई चिल्लाते रहे और आरोपी फायरिंग करते रहे। लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई तो वह फायरिंग करते हुए वहां से भाग गए। आंचल की मां का कहना है कि सागर और उसके मौसेरे भाई मोहित व संजय को उसने पहचान लिया है। जबकि चौथे व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी।
घात लगाए बैठा था सागर
लोगों ने बताया कि सागर 6 साल से अपनी मौसी के यहां शिवपुरम कॉलोनी में रह रहा था। शाम से ही वह अपने मौसेरे भाइयों के साथ शराब पी रहा था। शायद उसको रात का इंतजार था।
वह बार-बार आंचल के घर के बाहर आता और फिर वापस चला जाता था। रात करीब 12.30 पर जब आंचल के घर पर लोगों की संख्या बहुत कम हो गई, तभी वह अपने मौसेरे भाइयों के साथ उनके घर पर पहुंचा और हमला कर दिया।
बरात आने से पहले मार दूंगा
लोगों ने बताया कि सागर बार बार धमकी देता था कि बरात आने से पहले ही आंचल को मार दूंगा। अगर उनके बीच में कोई आया तो वह भी जिंदा नहीं बचेगा। लेकिन उसकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा था।
शायद किसी को अंदेशा भी नहीं था कि वह अपने मौसेरे भाइयों के साथ मिलकर इतनी बड़ी घटना कर सकता है। सागर एकतरफा प्यार में पूरी तरह से पागल हो चुका था। कई बार उसने आंचल को भी मारने की धमकी दी थी।