फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Accused in firing incident linked to PG; police to investigate owners; verification mandatory

Mohali News: फायरिंग के आरोपियों का पीजी कनेक्शन, पुलिस करेगी मालिकों की जांच, वेरिफिकेशन अनिवार्य

Fri, 18 Sep 2026 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:17 AM IST
विज्ञापन
Accused in firing incident linked to PG; police to investigate owners; verification mandatory
मोहाली। शहर में कोठियों पर फायरिंग के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के खरड़ में पीजी में रहने का खुलासा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने अब पीजी संचालकों और मकान मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पुलिस जल्द ही जिले में विशेष पीजी और किरायेदार वेरिफिकेशन अभियान शुरू करेगी। पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने पीजी संचालकों और मकान मालिकों को किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाने की सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन न करवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत मामला भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के आरोपियों से पूछताछ में उनके खरड़ के पीजी में रहने की जानकारी मिली थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने सही पहचान और दस्तावेज दिए थे या नहीं। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि पीजी संचालक ने उनकी पुलिस वेरिफिकेशन करवाई थी या नहीं। पुलिस का मानना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों का रिकॉर्ड होना आवश्यक है। यह अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद करेगा।
विज्ञापन




वेरिफिकेशन से अपराधियों में रहेगा डर

पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति की वेरिफिकेशन पहले से हुई होगी, तो अपराध होने पर पुलिस उस तक आसानी से पहुंच सकेगी। अपराधी यह जानेंगे कि उनके दस्तावेज पुलिस रिकॉर्ड में हैं, तो वे अपराध करने से डरेंगे। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए एक अतिरिक्त जांच का रास्ता तैयार करती है।
विज्ञापन




मोहाली-खरड़ में पीजी पर पुलिस की नजर

मोहाली और खरड़ क्षेत्र में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इनमें कई युवा पीजी या किराये के मकानों में रहते हैं। पुलिस अब ऐसे आवासीय ठिकानों का रिकॉर्ड जांचने की तैयारी में है। अभियान के दौरान यह देखा जाएगा कि संचालकों ने किरायेदारों की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन करवाई है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed