सरधना के ऐतिहासिक चर्च में कृपाओं की माता के वार्षिक महोत्सव में दो दिवसीय विशेष प्रार्थनाओं का दौर जारी है। चर्च में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा है। विशेष प्रार्थनाओं के लिए चर्च में भव्य सजावट की गई है। चर्च परिसर में बड़ा पंडाल तैयार कराया गया है। रंग बिरंगी लाइटों से चर्च को सजाया गया है। चर्च के बाहर मेला परिसर में दुकानें और झूले लगाए गए हैं।
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सरधना चर्च।
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ से सटे सरधना में स्थित ऐतिहासिक रोमन कैथलिक चर्च जिसको बेगम समरू द्वारा बनवाया गया था वह अपने दो सौ एक साल पूरे चुका है। यह चर्च श्रद्धालुओं की आस्था, भव्यता और कला के बेजोड़ नमूूने को संजोए हुए है। बीते दो सौ साल से इस चर्च को ईसाई धर्म के लोग कृपाओं की माता मरियम का तीर्थस्थान मानते हैं।
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सरधना चर्च।
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इस ऐतिहासिक चर्च के कारण ही सरधना का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकता है। मेरठ मुख्यालय से करीब बीस किलामीटर दूर सरधना में ऐतिहासिक चर्च सौहार्द, आस्था और कलात्मक इतिहास का भव्य नमूना है।
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सरधना चर्च।
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ऐतिहासिक और चमत्कारी रोमन कैथोलिक चर्च जहां पर हर साल दुनिया भर से विभिन्न जाति-धर्मों के लोगों को माता मरियम और प्रभु यीशु की आस्था खींच लाती है। इस खूबसूरत और भव्य चर्च का निर्माण एक ताकतवर मुस्लिम महिलाओं में शुमार महारानी बेगम समरू ने कराया था।
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सरधना चर्च।
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बेगम समरू के द्वारा बनवाए गए इस चर्च को पोप जॉन 23वें ने 1961 में माइनर बसिलिका का दर्जा दिया था। खास बात यह है कि ऐतिहासिक और भव्य गिरिजाघरों को ही यह दर्जा प्राप्त होता है।