बुलंदशहर बवाल में मारे गए युवक सुमित के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर से मिली बुलेट ने गुत्थी उलझा दी है। वहीं मंगलवार को एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोग गोली लगने के बाद घायल सुमित को लेकर जा रहे हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चिकित्सक ने बुलेट के बारे में स्पष्ट नहीं लिखा है। बुलेट को सीज कर पुलिस ने एफएसएल भेज दी है। पुलिस का कहना कि जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होगा। डॉक्टरों का दावा कि सुमित के शरीर में बुलेट मुड़कर एक हड्डी से टकराकर लीवर में फंसा था।
सुमित को पुलिस की गोली लगी या फिर बवालियों की, इसका सवाल अहम बना हुआ है। एसआईटी भी इसकी गंभीरता से जांच कर रही है। मंगलवार देर शाम पुलिस को सुमित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। साथ ही डॉक्टरों द्वारा सील की गई बुलेट भी मिली। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने लिखा कि गोली का अगला हिस्सा (बुलेट) देखकर स्पष्ट नहीं हो रहा है कि यह कौन से बोर का है। डॉक्टरों ने इसकी जांच बैलेस्टिक एक्सपर्ट से कराने को लिखा है।
हालांकि पुलिस सिर्फ अंदेशा जता रही कि यह बुलेट .32 बोर का है। पुलिस अधिकांश सर्विस रिवाल्वर व पिस्टल में 9 एमएम और .30 का इस्तेमाल करती है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला उलझ गया है। एफएसएल की रिपोर्ट ही बताएंगी कि यह बुलेट किस बोर का है। बैलेस्टिक जांच अभी मोदीनगर फोरेंसिक लैब में नहीं होती, इसको देखते हुए मेरठ पुलिस ने इस बुलेट को मंगलवार रात ही आगरा लैब भेज दिया है।
सुमित का पोस्टमार्टम हुआ, परिजनों ने मांगा इंसाफ
बुलंदशहर में हुए बवाल के 24 घंटे बाद मंगलवार दोपहर सुमित का पोस्टमार्टम हुआ। सुमित के परिजनों ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर स्याना द्वारा चलाई गोली से ही उनके बेटे की मौत हुई है। जितना मुआवजा इंस्पेक्टर को मिल रहा है, उतना उनको भी मिलना चाहिए। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू होते ही एसपी सिटी कई थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। पीएम कराने के बाद परिजनों को शव सुपुर्दगी में दिया।
बुलंदशहर बवाल में इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार और चिंगरावठी स्याना निवासी सुमित की मौत हुई थी। सुमित का पोस्टमार्टम मेरठ में हुआ। सुमित के पिता अमरजीत ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को भी इंसाफ मिलना चाहिए। उसका बेटा अपराधी नहीं था। बवाल से भी उसका कोई लेना देना नहीं है। वह तो अपने दोस्त को बस स्टैंड पर छोड़ने गया था। तभी उसकी मौत हो र्गई।