बॉलीवुड की मशहूर नृत्यांगना और कोरियोग्राफर सरोज खान का मेरठ से लंबा रिश्ता रहा। वह 2009 में पहली बार मेरठ आईं, उसके बाद उनका मेरठ आने का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने न सिर्फ यहां के युवाओं का टैलेंट परखा, बल्कि उन्हें नृत्य कला के साहित्य व शिल्प से अवगत भी कराया। वह यहां की प्रतिभाओं की कायल थीं। उनके निधन की सूचना से कलाकारों में शोक छा गया...
मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का क्रांतिधरा से रहा गहरा नाता, मेरठ के युवाओं के लिए हमेशा कहती थीं ये बड़ी बात, तस्वीरें
सरोज 2009 में पहली बार इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के शुभारंभ में आई थीं। वह इंस्टीट्यूट में डांस विभाग की एचओडी बनीं और लगातार मेरठ आती रहीं। इंस्टीट्यूट के निदेशक संदीप रायजादा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। महाभारत पार्ट-2 में कुंती का अभिनय करने वाली शफक नाज और फलक नाज को सरोज खान ने नृत्य की बारीकियां सिखाईं। 2014 में एक डांस टैलेंट शो में जज बनकर आईं थीं। 2016 में भी एक डांस शो को जज करने मेरठ पहुंचीं। 2017 में शॉप्रिक्स मॉल में हुए एक डांस शो में भी हिस्सा लेने आई थीं। वह हमेशा कहती थीं कि मेरठ के युवाओं में गजब की प्रतिभा है। जिसे बॉलीवुड में स्थान जरूर मिलना चाहिए।
उनका जाना अपूरणीय क्षति
वो अक्सर मेरठ आती थीं, कभी जज बनकर कभी एक गुरु बनकर। उन्होंने शहर के युवाओं को बहुत सिखाया। नृत्य के मायने बताए। मेरठ में उनके साथ गुजारे पल अविस्मरणीय रहेंगे। - निधि जैन, फैशन डिजायनर
उनके हाथों सम्मानित हुआ
मेरठ और दिल्ली में कई बार सरोज खान जी से भेंट हुई। उनका नृत्य भी देखा। दिल्ली में मेरे चित्रों की प्रदर्शनी लगी थी, तब उन्होंने मुझे बधाई दी थी। उनके हाथों सम्मानित होने का सौभाग्य मिला। - प्रो. पिंटू मिश्रा, प्रिंसिपल सुभारती फाइन आर्ट कॉलेज
अनुशासन की मिसाल थीं
मुझे उन्होंने बॉलीवुड कथक प्रस्तुति के लिए डांसिंग स्टार रियलिटी शो जीतने पर सम्मानित किया था। मास्टर जी ममता, प्यार, स्नेह और अनुशासन की मिसाल थीं। एक साल पहले जब मास्टर जी से मिलने का मौका मिला था वो मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। मेरी प्रस्तुति के बाद आपके द्वारा बोले गए शब्द वाह... वाह... तुम्हारा नृत्य देखकर मेरे मुंह से एक ही शब्द निकलता है, वह मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहीं। - धानी सेठी, कथक नृत्यांगना