उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में पुलिस ने परमवीर की हत्या का खुलासा कर दिया है। एसपी अजय कुमार सिंह के मुताबिक तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने जिला पंचायत चुनाव की रंजिश में यह साजिश रची थी। उसके इशारे पर ही हमला किया गया था, जिसमें पांच लोग घायल हुए थे। इनमें से परमवीर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने नामजद किए गए आरोपी सचिन उर्फ मोनू खोखर को हलालपुर गांव के मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
खुल गया परमवीर की हत्या का राज, जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने ऐसे रची थी खौफनाक साजिश, तस्वीरें
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एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने हलालपुर मंदिर के पास से नामजद अभियुक्त हलालपुर निवासी सचिन उर्फ मोनू खोखर पुत्र नरेश खोखर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर, चार कारतूस बरामद हुए है। आरोपी पर उत्तराखंड, पंजाब एवं जिले में हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, गैंगस्टर के 11 मुकदमे दर्ज हैं। पकड़ा गया अभियुक्त चर्चित भूरा फरारी केस में भी शामिल रह चुका है।
एसपी अजय कुमार सिंह के मुताबिक टीकरी निवासी कुख्यात सुनील राठी ने पूरे प्रकरण की साजिश रची थी। वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद सुनील राठी के कहने पर ही वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस की जांच में नामजद 13 अभियुक्तों के अतिरिक्त मोहित पुत्र नरेश निवासी टीकरी भी वारदात में शामिल रहा।
इस टीम की मेहनत आई रंग लाई
एसपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासे में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एसआई गजेंद्र सिंह, सिपाही अमित शर्मा और अंकुर शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
हलालपुर में रची गई साजिश
एसपी ने बताया कि एक माह पहले सुनील राठी के कहने पर हलालपुर में सचिन उर्फ मोनू ने अपने मकान पर बैठकर परमवीर तुगाना की हत्या की योजना बनाई थी। सुनील राठी ने शूटरों की व्यवस्था की थी। शूटरों को मोहित और हलालपुर निवासी रोबिन जानते हैं। वारदात के दिन परमवीर की रेकी की गई। आपस में यह लोग परमवीर तुगाना की जानकारी वीडियो कॉल पर देते थे। वारदात के दिन सचिन उर्फ मोनू अपनी गाड़ी में पिस्टल लेकर कूड़ी आया, जहां उसका भाई रोबिन, अमित उर्फ लीलू, परवेन्द्र, मोहित और अन्य शूटर मिले थे। इसके बाद परमवीर तुगाना और चबूतरे पर बैठे अन्य लोगों पर फायरिंग की गई थी।