उत्तर प्रदेश के मेरठ में आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद की खुदकुशी के मामले में अब नया मोड़ आ गया। उनकी बेटी मानसी ने आनंद अस्पताल के शेयर धारकों पर पिता के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा है। यह भी आरोप लगाया कि पिता की मौत होने के बाद भी परिवार को धमकी दी गई। एसएसपी ने एसपी सिटी को जांच सौंप दी है। आगे पढ़िए पूरा अपडेट-
हरिओम आनंद आत्महत्या मामले में आया नया मोड़, बेटी मानसी ने शेयर धारकों पर लगाए ये गंभीर आरोप
हरिओम आनंद ने शनिवार को सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली थी। उन पर लगभग 400 करोड़ का कर्ज बताया जा रहा है। जिसके चलते वह डिप्रेशन में थे। वहीं बुधवार को मानसी, अपने चाचा सुशील आनंद और अस्पताल के मैनेजर मुनेश पंडित के साथ एसएसपी आवास पहुंची और एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें आरोप लगाया है कि सुभारती चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अतुल कृष्ण भटनागर ने मेरे पिता को अवैधानिक तरीके से ट्रस्ट से हटा दिया था। कई दौर की बातचीत के बाद करोड़ों रुपये वापस करने का आश्वासन दिया था। उसी आश्वासन के आधार पर मेरे पिता कर्ज लेते रहे। लेकिन उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके कारण ये स्थिति बनी और मेरे पिता तनाव में आ गए।
उधर, आनंद अस्पताल के शेयर धारक जीएस सेठी निवासी साकेत, ललित मोहन भारद्वाज निवासी मयूर विहार, आकाश खन्ना निवासी राधा गार्डन गंगानगर, दास मोटर्स के मालिक राहुल दास निवासी आबूलेन, मुमताज कामरान अपने अज्ञात साथियों के साथ बहुत ज्यादा तंग व परेशान कर रहे थे। इसी तरह समय सिंह सैनी निवासी नई सड़क भी परेशान कर रहा था। मार्च 2019 में शेयर धारकों ने शर्त रखी कि 70 फीसदी शेयर धारकों की अनुमति से अस्पताल में काम होगा। दिसंबर 2019 में हरिओम आनंद को हटाने की बात कही। मार्च 2020 में जीएस सेठी, ललित मोहन भारद्वाज और राहुल दास मेरे पिता हरिओम आनंद की जगह अपने साथी आकाश खन्ना को समस्त वित्तीय अधिकार नामांतरित कर सभी बैंकों में नामित करना चाहते थे। जिसके बाद मेरे पिता के सभी वित्तीय अधिकार समाप्त हो जाते।
इसी बीच लॉकडाउन लग गया। तब भी यह लोग आतंकित करते रहे और नाजायज दबाव बनाते रहे। तीन जून को लॉकडाउन हटते ही बहुत अधिक दबाव बनाने लगे। घर पर आकर भी डराया और धमकाया गया। 24 जून को बीएस सेठी ने फिर से फोन पर धमकी दी। कहा कि आनंद अस्पताल से अब तुम्हारा कोई वास्ता नहीं है। तुम्हारी जगह आकाश खन्ना के हस्ताक्षर होंगे। जिसके चलते वह काफी भयभीत हो गए। 26 जून को उन्होंने एसएसपी के नाम शिकायती पत्र भी लिखा। इन लोगों ने इतना मजबूर कर दिया कि 27 जून को मेरे पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद अस्पताल में डाक्टरों और पूरे परिवार के सामने बताया कि इन लोगें के उत्पीड़न और आतंक के चलते ही जहर खाया हूं। मानसी आनंद ने एसएसपी से जीएस सेठी, ललित मोहन भारद्वाज, आकाश खन्ना, राहुल दास, मुमताज कामरान, समय सिंह सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
मौत के बाद भी धमकी देने आए थे शेयर धारक
मानसी ने बताया कि 27 जून को पिता की मौत के बाद 28 जून को जीएस सेठी और ललित मोहन भारद्वाज का फोन मेरे पास आया। कुछ देर बात जीएस सेठी और ललित मोहन भारद्वाज घर पर पहुंच गए। धमकी दी कि हरिओम आनंद की खुदकुशी के मामले में उन पर कोई भी आरोप नहीं लगना चाहिए। जिस पर उनका पूरा परिवार दहशत में आ गया।