बागपत में मनीषा हत्याकांड में परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीषा के पिता का आरोप है कि परिवार ने साजिश के तहत मनीषा की हत्या की है। दरअसल, मनीषा के आठ साल पहले अंतरजातीय विवाह करने पर माता-पिता ने उससे रिश्ता तोड़ लिया था। इसके बाद मनीषा रिश्तेदारों के संपर्क में थी, लेकिन कभी घर नहीं गई। अब परिजनों ने मरने के बाद मनीषा का मुंह देखा। पिता पंकज ने आरोप लगाया कि पति ने हत्या की साजिश रचने के बाद बेटी अनन्या से फोन कराकर मनीषा को खैला गांव बुलवाया और फिर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने हत्या में अन्य परिजनों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार करने की मांग की।
मनीषा की हत्या की जानकारी मिलने पर बिजनौर जिले के सोहागपुर निवासी पंकज अपनी पत्नी अनीता व बेटी शिवानी समेत अन्य परिजनों के साथ रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे चांदीनगर पुलिस ने उनकी छोटी बेटी शिवानी को फोन करके मनीषा की हत्या होने के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मनीषा चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। परिवार में बच्चा नहीं होने पर उनके छोटे भाई ब्रजपाल ने मनीषा को गोद ले लिया था। उन्होंने ही मनीषा का पालन पोषण किया।
पंकज ने बताया कि वह ठाकुर जाति से हैं और राहुल गुर्जर है। आठ साल पहले हरिद्वार में मनीषा ने जब राहुल भाटी से शादी की तो उन्होंने अंतरजातीय विवाह का विरोध भी किया और फिर मनीषा से रिश्ता तोड़ लिया था। इसके बाद कभी मनीषा से मुलाकात नहीं हुई और न ही वह कभी घर आई।
मनीषा ने चार-पांच दिन पहले अपनी छोटी बहन शिवानी से फोन पर बात की थी। मनीषा कह रही थी कि उसकी बेटी अनन्या बार-बार फोन करके उसके बिना मन नहीं लगने और साथ ले जाने की बात कह रही थी। इसके बाद ही बेटी को ले जाने के लिए मनीषा 19 जून को खैला गांव पहुंच गई।
आरोप लगाया कि राहुल भाटी और उसके परिजनों ने साजिश रचकर मनीषा को गांव में बुलवाकर हत्या की है। उन्होंने पुलिस से मनीषा को न्याय दिलाने की मांग की। उधर, पोस्टमार्टम के बाद मनीषा का शव खैला ले जाया गया, जहां उसके चार वर्षीय बेटे कविश ने श्मशान घाट में चिता को मुखाग्नि दी।