उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में पुलिस ने सोमवार को एक तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद किया गया है।
तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़: अपराधियों को सप्लाई करता था शातिर समीर, जेल में बंद कुख्यात करते हैं मदद
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तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस ने आरोपी समीर और साबिर से घंटों पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, समीर ने बताया है कि वह दिल्ली से वांछित है। दिल्ली की स्पेशल सेल उसकी तलाश में लगी है। उसने कुख्यात सारिक को भी पिस्टल और तमंचे दिए थे। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सारिक ने समीर का नाम लिया था।
पुलिस के अनुसार, मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली और गाजियाबाद में समीर का अवैध हथियार सप्लाई करने का बड़ा नेटवर्क है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से अवैध हथियार सप्लाई करने वालों के नाम पूछे हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा जारी है। दोनों आरोपियों पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
तीन से पांच हजार में बेचते थे तमंचा
आरोपियों ने बताया कि वह तीन से पांच हजार रुपये में तमंचा बेचते थे। सबसे ज्यादा मांग अपराधियों से जुड़े लोगों की है। जेल में बंद अपराधी भी सप्लाई में पूरी मदद करते हैं। इसके एवज में अवैध हथियार बनाने वाले और सप्लाई करने वाले उन्हें हिस्सा देते हैं।
एक दिन में बनाते हैं दो तमंचे
पुलिस के अनुसार, हथियारों के सौदागर दूरदराज राज्यों से अवैध हथियार मंगवा लेते हैं। जांच में सामने आया कि एक आरोपी एक दिन में दो अवैध तमंचे बना देता है। इसके लिए उसे 1000 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। यहां मुंगेर से भी कारीगर को बुलाकर तमंचे पिस्टल बनाने का काम होता था।