मेरठ में रुड़की रोड स्थित डौरली नाले के पास रविवार देररात बेकाबू कार 10 टायरा ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार पशु चिकित्सक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहा उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
आधी रात ट्रक में घुसी बेकाबू कार, उड़े परखचे, नशे में धुत चालक को डॉक्टर की मौत का पता तक नहीं चला
पल्लवपुरम पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहनपुरी निवासी डा. नीरज (40) रविवार देर रात करीब ढाई बजे अपने पड़ोसी और दोस्त गोलू के साथ मोदीपुरम स्थित पंडित ढाबा पर खाना खाने जा रहे थे। डौरली नाले के पास कार चला रहा गोलू संतुलन खो बैठा। इससे कार आगे चल रहे दस टायरा ट्रक में जा घुसी।
हादसे में डॉ. नीरज की मौके पर ही मौत हो गई। गोलू गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला। घायल गोलू को मोदीपुरम स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी दिग्विजय नाथ शाही ने बताया कि चिकित्सक सोफिया स्कूल के पास क्लीनिक चलाते थे। एनीमल केयर सोसाइटी का अध्यक्ष भी थे। उनकी दो बेटियां हैं। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कार के उड़े परखचे
एसओ पल्लवपुरम के अनुसार, हादसे में कार के परखचे उड़ गए। पूरी कार ट्रक के नीचे समा गई थी। हादसे के दौरान कार को गोलू चला रहा था। ट्रक को ओवरटेक करने में यह हादसा हुआ।
कार की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो डॉ. नीरज की मौत हो चुकी थी। गोलू भी घायल था। वह नशे में धुत था। उसे नहीं पता था कि उसके दोस्त नीरज की मौत हो चुकी है। कार से पुलिस ने शराब की बोतल भी बरामद की हैं।
प्रयागराज में थे पिता
एसओ पल्लवपुरम दिग्विजयनाथ शाही ने बताया कि अभी मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। अस्पताल के मीमो के आधार पर शव का पंचनामा करा दिया गया है। नीरज के पिता प्रयागराज गए हुए थे। सूचना के बाद वह लौट रहे हैं। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
कार में फंसा रहा शव
पुलिस के अनुसार, हादसा भयानक था। कार में डॉ. नीरज का शव फंसा था। काफी प्रयास के बाद उसे निकाला जा सका। हादसे को देखकर राहगीर भी दहशत में थे। हर कोई यही कह रहा था कि एक्सीडेंट में कोई भी नहीं बचा होगा।
गोलू की हो चुकी थी सगाई
हादसे में घायल डॉक्टर के दोस्त गोलू की बीते सप्ताह में ही सगाई हुई थी। सोमवार (2 दिसंबर) को उसकी शादी भी होनी थी। हादसे की सूचना के बाद उसके घर में कोहराम मच गया। सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
पत्नी और मां ने रोका था
डॉ. नीरज रात करीब साढ़े 12 बजे एक शादी समारोह से परिवार के साथ लौटे थे। घर में गाड़ी पार्क करने के दौरान ही पड़ोसी गोलू आ गया। उसने एक पार्टी में चलने को कहा। पत्नी और मां ने नीरज को जाने से रोका भी, लेकिन वह नहीं माने। डॉ. नीरज के पिता रामलाल कैंट बोर्ड ऑफिस से रिटायर्ड हैं। मोहनपुरी में उनकी मां सुशीला, पत्नी सुधा, दो बेटियां वंशिका और वाशू, छोटा भाई आशीष और उनकी पत्नी साधना सभी साथ रहते हैं।