यूपी में कई जिलों में पुलिस की ऑफिशियल आईडी पर मेल भेजकर रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपी अपने गुरु से कोड वर्ड में बात करते थे। कई मोबाइल नंबर भी मिले हैं, इनमें अधिकतर मेरठ और गाजियाबाद के लोगों के हैं। ये सभी नंबर भी पुलिस की जांच दायरे में आ गए हैं।
रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, जानें- कौन है आरोपियों का 'गुरु'
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गुलजार और शहजाद से पूछताछ में पता लगा है कि दोनों भाइयों ने दीनी तालीम यानी मजहबी शिक्षा ली है। उनका एक ऐसे व्यक्ति से संबंध होना पाया गया है, जिसे ये गुरु कहते हैं।
एसपी ने बताया कि गुरु ने उनसे कहा है कि उन्हें जिस दिन आर्डर मिलेगा, वह आखिरी दिन होगा। यह कोड वर्ड क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस के साथ कई खुफिया एजेंसी भी कोड वर्ड का मतलब खंगालने में लगी है। गुरु के बारे में एसपी ने इतना कहा कि उसकी तलाश की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि जब भी उन्हें कोई समस्या या तनाव होता, या उन्हें किसी बात का डर लगता तो वह गुरु के पास जाकर बातचीत करते थे।
वहीं गुलजार के मोबाइल से कॉल रिकार्ड्स मिले हैं, वे सनसनीखेज है। इससे आशंका है कि उसके संबंध खतरनाक लोगों से हो सकते हैं। एसपी ने बताया कि गुलजार और शहजाद से जो लोग संपर्क में है, उनकी डिटेल और सीडीआर के लिए मोबाइल कंपनियों को पत्र लिखे गए हैं। डिटेल मिलते ही संदिग्धों की जांच शुरू कर दी जाएगी। पकड़े गए दोनों आरोपी आतंकवादी संगठनों की दूर की कड़ी हो सकती हैं। आरोपियों को फिलहाल न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इसके बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
धमकी भरे जैश के पत्र से नहीं मिला कनेक्शन
करीब 25 दिन पहले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से स्टेशन मास्टर के पते पर भेजे गए धमकी भरे पत्र से पकड़े गए आरोपियों का फिलहाल कोई कनेक्शन नहीं मिला है। 20 अप्रैल को साधारण डाक से शामली के स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के पते पर पत्र भेजा गया था। इस पत्र में शामली समेत वेस्ट यूपी, दिल्ली और हरियाणा के 11 रेलवे स्टेशनों को 13 मई को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पत्र में 16 मई को यूपी के प्रमुख मंदिरों को उड़ाने और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और संघ प्रमुख मोहन भागवत की हत्या करने का भी जिक्र किया गया था।