लखीमपुर खीरी के ईसानगर क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में अधिकांश अपने घर लौट रहे थे। कोई मजदूरी करके आ रहा था तो कोई रोज की तरह अपने दूसरे काम से जा रहा था। किसी परिवार ने बेटा खोया तो किसी ने मां तो किसी ने पिता। जिला मुख्यालय स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस पर अपनों के खून से सने शव देख चीख-पुकार मची रही।
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पप्पू का फाइल फोटो
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सुबह 6:30 बजे भाई से हुई बात
हादसे में जान गंवाने वाले बहराइच जिले के थाना खैरीघाट क्षेत्र के गांव देवदत्तपुर निवासी पप्पू पानीपत में मजदूरी करते थे। छुट्टी मिलने पर वह घर लौट रहे थे। लखीमपुर तक बस से आने के बाद वह मैजिक में बैठकर गांव जा रहे थे। भाई अंकुर ने बताया कि सुबह 6:30 बजे पप्पू ने फोन कर मैजिक में बैठने की जानकारी दी थी। करीब एक घंटे बाद हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अंकुर ने बताया कि पप्पू तीन भाइयों में मंझले थे। छोटा भाई कुलदीप है। पिता दूलन डेयरी पर काम करते हैं। बेटे की मौत की खबर पर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं मां मुन्नी शव देखकर बेसुध हो गईं।
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गायत्री का फाइल फोटो
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रोज की तरह स्कूल जा रही थीं गायत्री
हादसे में जान गंवाने वाली सीतापुर निवासी गायत्री गुप्ता बहराइच के प्राथमिक विद्यालय रायबोझा में शिक्षिका थीं। पति रमेश चंद्र ने बताया कि वह रोज की तरह सोमवार को भी स्कूल जाने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गईं। गायत्री के बेटे देवेंद्र गुप्ता और बेटी कृतिका गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हादसे में क्षतिग्रस्त मैजिक गाड़ी
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इंजीनियर की मौत से टूट गए परिवार के सपने
जयवीर ने एमटेक की पढ़ाई की थी और मुंबई की एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे। वह छुट्टी लेकर मुंबई से दिल्ली ट्रेन से पहुंचे और वहां से बस से लखीमपुर आए थे। सोमवार सुबह घर पहुंचने की जल्दी में वह मैजिक में सवार हो गए, लेकिन रास्ते में हादसे में उनकी मौत हो गई। जयवीर की अभी शादी नहीं हुई थी। परिवार उनके विवाह को लेकर सपने देख रहा था। वह घर के बड़े बेटे थे। चाचा जितेंद्र ने बताया कि छोटा भाई प्रकाश है। पिता पेशकार सिंह व मां अनीता सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
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अस्पताल में राजेश गोयल के रोते-बिलखते परिजन
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बहन के घर से लौटते समय गई जान
मृतक राजेश गोयल तेल और शक्कर की आढ़त का कारोबार करते थे। वह रविवार को लखीमपुर शहर की भटनागर कॉलोनी में अपनी बहन के घर आए थे। सोमवार सुबह बहराइच के मिहींपुरवा स्थित घर लौटते समय हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी बेटी पारुल बीटेक की छात्रा है।