फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पत्नी से तंग आकर इंजीनियर ने दी जान: मंदिर के पास पेड़ से लटका मिला, मां बोली- FB पर वीडियो देख फट गया कलेजा

Sun, 17 May 2026 05:17 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कसया
संवाद न्यूज एजेंसी, कसया Published by: विकास कुमार Updated Sun, 17 May 2026 05:17 PM IST
सार

प्रद्युम्न पिछले कई वर्षों से वैवाहिक विवाद, कोर्ट-कचहरी, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। बड़े भाई राघवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रद्युम्न ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोबोट इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने करियर की शुरुआत गुड़गांव से की थी और वर्तमान में मध्य प्रदेश की एक कंपनी में नौकरी कर रहा था।

विज्ञापन
Fed Up with Wife Engineer suicide in kushinagar Mother Says My Heart Shattered Upon Seeing Video on Facebook
रोबोट इंजीनियर प्रद्युम्न कुमार यादव और परिजन - फोटो : अमर उजाला

यूपी स्थित नगरपालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड स्वामी विवेकानंद नगर, बेलवा पलकधारी में इन दिनों मातम पसरा है। घर के बाहर सन्नाटा है और भीतर हर आंख नम। 33 वर्षीय रोबोट इंजीनियर प्रद्युम्न कुमार यादव की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। मां की सूनी आंखें अब भी दरवाजे पर टिक जाती हैं, मानो बेटा एक बार फिर लौट आएगा और कहेगा- 'मां, मैं आ गया।'

Fed Up with Wife Engineer suicide in kushinagar Mother Says My Heart Shattered Upon Seeing Video on Facebook

'काश, वह मुझे भी साथ ले गया होता'
गोरखपुर के कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर के पास पेड़ से लटककर जान देने वाले प्रद्युम्न की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची हुई है। शनिवार को जब परिजन से बात हुई तो 72 वर्षीय मां कलावती देवी बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। रोते हुए उन्होंने कहा, 'मेरा साहब बेटा अब नहीं रहा। तीन महीने पहले देखा था। आखिरी बार भी नहीं मिल पाया। फेसबुक पर उसका आखिरी वीडियो देखा तो कलेजा फट गया। काश, वह मुझे भी साथ ले गया होता।'

Fed Up with Wife Engineer suicide in kushinagar Mother Says My Heart Shattered Upon Seeing Video on Facebook

'हमारे घर का सोना चला गया'
बगल में बैठी बहन पूनम की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने कहा, 'हमारे घर का सोना चला गया। मेरा भाई बहुत सीधा और मिलनसार था। उसे कभी चैन से जीने नहीं दिया गया। अब बस यही चाहते हैं कि उसे न्याय मिले।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Fed Up with Wife Engineer suicide in kushinagar Mother Says My Heart Shattered Upon Seeing Video on Facebook

किस बात से परेशान था प्रद्युम्न
परिजनों के मुताबिक, प्रद्युम्न पिछले कई वर्षों से वैवाहिक विवाद, कोर्ट-कचहरी, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। बड़े भाई राघवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रद्युम्न ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोबोट इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने करियर की शुरुआत गुड़गांव से की थी और वर्तमान में मध्य प्रदेश की एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। राघवेंद्र ने बताया कि हाल ही में अदालत से भरण-पोषण के मामले में आठ हजार रुपये प्रतिमाह खर्चा बहाल हुआ था। साथ ही करीब तीन लाख 84 हजार रुपये की वसूली तय होने के बाद वारंट जारी हुआ था। इसी के बाद वह काफी तनाव में रहने लगा था।

विज्ञापन
Fed Up with Wife Engineer suicide in kushinagar Mother Says My Heart Shattered Upon Seeing Video on Facebook

अंदर से टूट चुका था प्रद्युम्न
परिवार के परिजनों के मुताबिक 12 मई को पडरौना कोर्ट में सुनवाई के बाद उसकी फोन पर बात हुई थी। उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह भीतर से पूरी तरह टूट चुका था। बाद में वह गोरखपुर पहुंचा और शाम करीब छह बजे मंदिर में दर्शन करने के बाद यह कदम उठा लिया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed