औरैया जिले में धौलपुर स्थित कोटा बैराज से छोड़े गए 18 लाख क्यूसिक पानी ने यमुना का जलस्तर तेजगति से बढ़ा दिया है। बुधवार की शाम चार बजे तक खतरे के निशान 113 मीटर को पार करते हुए जल स्तर 113.82 मीटर जा पहुंचा है। इससे अजीतमल और औरैया तहसील के 19 गांवों तक पानी घुस गया। आस्ता, नौरी, सिकरोड़ी, फरिहा के संपर्क मार्ग बाधित हो गया। खतरा बढ़ता देख गांव के लोग पलायन करने लगे हैं। जिलाधिकारी समेत आला अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर तीन दिनों के लिए स्कूल बंद करा दिए हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के इंतजाम शुरू किए हैं।
Auraiya Flood: यमुना ने पार किया खतरे का निशान, 19 गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों का पलायन शुरू
पिछले साल 24 गांवों में आई बाढ़ से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार पहले से अलर्ट रहा। डीएम पीसी श्रीवास्तव, एडीएम रेखा एस चौहान, एएसपी शिष्य पाल, एसडीएम अजीतमल अखिलेश कुमार, सदर तहसीलदार रणवीर सिंह, अजीतमल तहसीलदार हरिश्चंद्र, नायब तहसीलदार अभिनव वर्मा ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने वहां के लोगों से बात की साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और पहुंचाने का इंतजाम शुरू कराए। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक प्रतिघंटे 20 सेमी पानी बढ़ रहा है।
ये हैं बाढ़ प्रभावित गांव
अस्ता, नौरी, सिकरोड़ी, मई, मढ़ापुर, क्योंटरा, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, गूंज, ततारपुर, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, बबाईंन, नगला, भूरेपुर कला, बीझलपुर, फरिहा आदि।
नाविक तैनात, अलर्ट मोड पर एसडीआरएफ टीम
जिला प्रशासन ने बुधवार शाम तक हुए जलभराव की स्थिति को देखते हुए नाविकों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा गोताखोरों को भी निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है।
वायरलेस सेट लगवाने के निर्देश
सदर तहसील और अजीतमल तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में समय रहते हर तरह की गतिविधियों की जानकारी लेने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक शिष्य पाल ने सीओ अजीतमल प्रदीप कुमार को वायरलेस सेट लगवाने के निर्देश दिए। ताकि समय रहते जानकारी उपलब्ध हो सके। वहीं राजस्व कर्मचारियों को भी आठ-आठ घंटे की ड्यूटी पर तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं।