रंगों के त्यौहार में यूं तो पूरा देश सराबोर रहता है लेकिन उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े राजनीतिक परिवार की होली कई मायनों में खास रहती है। इस होली के कई राजनीतिक मायने भी होते हैं। अब लोग सभा चुनाव आने को है तो यादव कुनबे की ये होली और भी खास हो चुकी है। दशकों बाद ऐसा मौका पहली बार आया है जब सपा संरक्षक नेता जी मुलायम सिंह यादव और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव ने अलग-अलग होली मनाई हो। होली के अलग-अलग आयोजनों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
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सपा के गढ़ सैफई में समजावादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव समेत कई समाजवादी नेताओं ने एक मंच पर इकट्ठा होकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ फूलों की होली मनाई। सैफई में होली के त्यौहार पर जहां एक ओर समाजवादी कुनबा एक मंच पर दिखाई दिया वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव अलग-थलग अपने कार्यकर्ताओं के साथ रंगों की होली मनाते हुए नजर आए।
शिवपाल सिंह यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज उन्होंने सुबह नेता जी के इटावा स्थित आवास पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया है। आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी प्रगतिशील समजवादी पार्टी भाजपा के खिलाफ मैदान में खड़ी है ।
उनकी पार्टी का पीस पार्टी समेत 50 छोटे-बड़े राजनैतिक दलों से गठबंधन हो चुका है। वह आगामी लोकसभा चुनाव उनके साथ मिलकर लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। उन्होंने भाजपा को देश से हटाने के लिए सपा-बसपा गठबंधन से भी एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी लेकिन गठबंधन ने उन्हें महत्व नहीं दिया। कांग्रेस ने भी उन्हें भरोसे में लेकर धोखा दिया है। लेकिन अब वह अपने 50 से अधिक दलों से गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगे।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए देश और प्रदेशवासियों को होली के त्यौहार की शुभकामनाएं दी और कहा कि हमारा गठबंधन बसपा से हो चुका है। मायवती के चुनाव न लड़ने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह बसपा का निर्णय है, मायावती ने यह भी कहा है कि इसी बहाने वो संगठन में और तमाम गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने में अपना समय लगाएंगी यह अच्छी बात भी है।