कानपुर में मस्जिदों के पेश इमामों और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी मशक्कत के बाद सीएए के खिलाफ चमनगंज में सड़क जामकर धरना दे रहीं महिलाएं मोहम्मद अली पार्क गईं। उलमा ने सड़क जाम कर किसी को तकलीफ पहुंचाने को शरीअत और इंसानियत के खिलाफ बताया। क्षेत्रीय लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
इस पर महिलाओं ने पहले विरोध किया लेकिन यह बताने पर कि दुकानें, बैंक, स्कूल, कारखाने बंद होने से नुकसान हो रहा है तो वे मान गईं। मंगलवार की देर रात सड़क से उठकर मोहम्मद अली पार्क पहुंचीं। बुधवार को 37वें दिन सीएए के खिलाफ महिलाओं का धरना जारी रहा।
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कानपुर में सीएए का विरोध
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मंगलवार देर रात जब मस्जिदों के पेश इमाम हलीम कॉलेज चौराहे पर धरना दे रहीं महिलाओं को समझाने पहुंचे तो वे बिगड़ गईं। ‘मौलाना लोग वापस जाओ’ के नारे लगाने लगीं। इस पर तंजीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के अध्यक्ष हाफिज मो. फैसल जाफरी, सईदाबाद मस्जिद के पेश इमाम मौलाना असरार अहमद बकाई, घड़ी वाली मस्जिद के पेश इमाम कारी मोहम्मद माज सलामी ने कुरान और हदीस का हवाला देकर उन्हें समझाया।
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कानपुर में सीएए का विरोध
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इसके साथ ही कारोबार का नुकसान होने पर क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की। महिलाओं ने कहा कि जब वे शांतिपूर्ण ढंग से मोहम्मद अली पार्क में धरना दे रही थीं तो उन्हें बाहर क्यों निकाला गया। पुलिस ने अभद्रता की। कहा कि पुलिस ने फिर परेशान किया तो आंदोलन तेज होगा। इसके बाद हाथ में तिरंगा लिए हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते पार्क में चली गईं।
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कानपुर में सीएए का विरोध
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महिला को पकड़ पुलिस को सौंपा
लोगों ने बताया कि मोहम्मद अली पार्क में बुधवार शाम पांच बजे एक महिला आई और कहने लगी यहां कुछ आतंकवादी आए हैं। इस पर पार्क में हड़कंप मच गया। धरने पर बैठी महिलाओं ने उसे दबोच लिया और पुलिस को सौंप दिया। बाद में पुलिस ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया। यह महिला किसी संस्था से जुड़ी है और पनकी की रहने वाली बताई गई।