{"_id":"5f992c2507a7166d1051832a","slug":"why-the-ujjain-police-is-not-claiming-the-reward-of-catching-vikas-dubey-what-is-the-encounter-and-surrender-true","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उज्जैन पुलिस क्यों नहीं कर रही विकास दुबे को पकड़ने के इनाम पर दावा, क्या है एनकाउंटर और सरेंडर का सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जैन पुलिस क्यों नहीं कर रही विकास दुबे को पकड़ने के इनाम पर दावा, क्या है एनकाउंटर और सरेंडर का सच
Wed, 28 Oct 2020 03:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 28 Oct 2020 03:08 PM IST
विज्ञापन
विकास दुबे कांड: क्या छिपा रही है उज्जैन पुलिस
- फोटो : amar ujala
उज्जैन के महाकाल मंदिर में दहशतगर्द विकास दुबे के सरेंडर करने में कुछ तो ऐसा है, जिसे वहां की पुलिस छिपा रही है। विकास को पकड़ने वाली उज्जैन पुलिस ने अभीतक पांच लाख के इनाम पर भी दावा नहीं ठोका है। जांच में कानपुर पुलिस का सहयोग न करने के साथ ही मंदिर के जिस कर्मचारी ने बयान दर्ज कराए, उस पर ही कार्रवाई कर दी गई। यह कार्रवाई एसपी उज्जैन की संस्तुति पर महाकाल मंदिर प्रशासन ने की है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
यह पूरी कवायद एक सफेदपोश को बचाने के प्रयास में की जा रही है। इसी कर्मचारी ने भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को गिरफ्तार कराने में अहम जानकारियां दी थीं। विकास दुबे की गिरफ्तारी नौ जुलाई को उज्जैन महाकाल मंदिर से स्थानीय पुलिस ने की थी। यूपी पुलिस व एसटीएफ की टीम विकास को लेकर कानपुर आ रही थी। 10 जुलाई की सुबह सचेंडी में विकास एनकाउंटर में मारा गया था।
विकास का कानपुर में किया था एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
एनकाउंटर की जांच गोविंदनगर इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र कर रहे हैं। जांच के सिलसिले में अनुराग मिश्र के नेतृत्व में पुलिस की टीम 24 सितंबर को उज्जैन पहुंची थी। पुलिस ने महाकाल मंदिर के कर्मचारी गोपाल कुशवाहा से पूछताछ की। गोपाल ने बताया कि विकास ने आकर उससे पूछा था कि बैग और चप्पल कहां रखें। इसके बाद बैग में ही चप्पल रखकर उसे पकड़ा गया था। कुछ देर बाद मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे ने बिकरू में खेला था खूनी खेल
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने फूल बेचने वाले सुरेश कुमार से भी पूछताछ की। इसके बाद टीम लौट आई। पूछताछ के ठीक अगले दिन पुलिस अधीक्षक अनुभाग महाकाल उज्जैन की तरफ से 25 सितंबर को मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी को पत्र लिखकर गोपाल की भूमिका संदिग्ध बताई गई। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने गोपाल को नोटिस जारी कर दिया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र का कहना है कि गोपाल से पूछताछ की है। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है।
विज्ञापन
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे मामले में उज्जैन पुलिस क्या छिपा रही है
एनकाउंटर की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उज्जैन पुलिस सहयोग नहीं कर रही है। यह वजह है कि उन्होंने अपने स्तर से मंदिर के कर्मचारियों से संपर्क कर पूछताछ की। इसकी जानकारी जब वहां की पुलिस को हुई मंदिर के कर्मचारी को परेशान किया जाने लगा। कुछ तो है जिसे उज्जैन पुलिस छिपाना चाहती है।
एनकाउंटर की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उज्जैन पुलिस सहयोग नहीं कर रही है। यह वजह है कि उन्होंने अपने स्तर से मंदिर के कर्मचारियों से संपर्क कर पूछताछ की। इसकी जानकारी जब वहां की पुलिस को हुई मंदिर के कर्मचारी को परेशान किया जाने लगा। कुछ तो है जिसे उज्जैन पुलिस छिपाना चाहती है।