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केवल बैंक ही नहीं अपनों के भी डिफाल्टर हैं विक्रम कोठारी, किया ये खेल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 21 Feb 2018 11:01 AM IST
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विक्रम कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुरः बैंकिंग घोटाले में फंसे रोटोमैक ग्रुप के मालिक विक्रम कोठारी अपने कर्मचारियों के भी डिफाल्टर हैं। पनकी स्थित रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत कर्मचारियों का बीते कई सालों से पीएफ का पैसा जमा नहीं किया है।
विक्रम कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
पीएफ विभाग ने इस संबंध में इन्हें दिसंबर में नोटिस भी भेजा था। इसके बाद भी विभाग में कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया गया। अब विभाग ने कर्मचारियों की संख्या, हाजिरी रजिस्टर जब्त करने, कर्मचारियों का पीएफ निर्धारण करने की तैयारी की है।
विक्रम कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
पनकी स्थित कंपनी के कर्मचारियों ने पिछले साल विभाग में पीएफ न कटने की लिखित शिकायत की थी। इसके बाद विभागीय जांच में पता चला कि मार्च 2016 से कंपनी की ओर से पीएफ नहीं जमा किया गया।
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विक्रम कोठारी को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद विभाग ने दिसंबर 2017 में कंपनी को नोटिस भेजकर कर्मचारियों का पीएफ एक माह के भीतर जमा करने के लिए कहा। साथ ही कर्मचारियों की संख्या और उनका हाजिरी रजिस्टर भी भेजने के लिए कहा गया। लेकिन कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद विभाग ने रिमाइंडर नोटिस भेजा।
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विक्रम कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
इस पर कंपनी की ओर से कहा गया कि यहां कार्यरत कर्मचारियों की संख्या और हाजिरी रजिस्टर इनसल्वेंसी प्रोफेशनल के पास हैं। वो कुछ भी नहीं बता सकते हैं। वहीं क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, द्वितीय, मोहित शेखर ने बताया कि कर्मचारियों ने पीएफ जमा न करने की लिखित शिकायत की थी। जल्द ही इंसाल्वेंसी प्रोफेशनल से कर्मचारियों की जानकारी जुटाकर पीएफ का निर्धारण करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।