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विकास दुबे के गुर्गे उमाकांत का सबसे बड़ा खुलासा, ‘पापी था वो, मर गया वरना न जाने कितनों को मार देता'
Sun, 09 Aug 2020 10:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 09 Aug 2020 10:10 AM IST
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे अपनी दहशत कायम रखने को हैवानियत की किसी भी हद को पार करने को तैयार रहता था। खेतों पर कब्जे को लेकर एक ग्रामीण ने जब उसके खिलाफ आवाज उठाई तो उसने उसको बीच गांव में पीटा और मुंह में पेशाब कर दी थी।
विकास दुबे के गुर्गे उमाकांत शुक्ला ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
ऐसी क्रूरता और दरिंदगी की वजह से लोग उससे खौफ खाते थे। इसका खुलासा करने के साथ ही उमाकांत ने बताया कि विकास इंसान नहीं राक्षस था। उसके लिए इंसान की जान की कीमत नहीं थी। मजबूरी में लोग उसका साथ देते थे।
विकास दुबे को लेकर उमाकांत ने किया खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
लाइसेंसी राइफल से दागीं थीं गोलियां
उमाकांत ने बताया कि विकास के कहने पर उसने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिस कर्मियों पर गालियां दागीं थीं। घटना के बाद विकास ने कहा था कि सब लोग अलग-अलग हो जाओ। इसलिए वह शहर दर शहर घूमता रहा। जब कोई रास्ता बचने का नहीं दिखा तो थाने में सरेंडर करने की योजना बनाई।
उमाकांत ने बताया कि विकास के कहने पर उसने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिस कर्मियों पर गालियां दागीं थीं। घटना के बाद विकास ने कहा था कि सब लोग अलग-अलग हो जाओ। इसलिए वह शहर दर शहर घूमता रहा। जब कोई रास्ता बचने का नहीं दिखा तो थाने में सरेंडर करने की योजना बनाई।
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दरोगा ने चेहरा किया चेक
- फोटो : amar ujala
इससे पहले विकास दुबे के गुर्गे उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन उर्फ बउअन ने शनिवार को चौबेपुर थाने में नाटकीय ढंग से सरेंडर कर दिया। पत्नी व बेटी के साथ थाने पहुंचते ही उसने साष्टांग किया। इसके बाद बोला, दबिश से डरा हुआ हूं। मैं घटना में शामिल था। मुझे आत्मग्लानि है। खुद हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम करें। यही सब उसके गले में लटकी तख्ती में भी लिखा था।
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गले में तख्ती टांगकर पहुंचा थाने
- फोटो : amar ujala
उमाकांत पर 50 हजार का इनाम भी है। बिकरू कांड में विकास के साथ गांव के उमाकांत शुक्ला ने भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। एसटीएफ और पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही। शनिवार सुबह उमाकांत परिवार के साथ चौबेपुर थाने पहुंचा। सीओ संतोष कुमार सिंह से बोला, मेरा नाम उमाकांत है। मुझे गिरफ्तार कर लो। पुलिस ने पत्नी और बेटी को घर भेज दिया। उमाकांत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।