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बिकरू कांड: आयोग की जांच में भी डीआईजी अनंत देव समेत 13 राजपत्रित पुलिसकर्मी दोषी, चौंकाने वाला खुलासा
Thu, 02 Sep 2021 01:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:23 PM IST
सार
बिकरू कांड की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने जांच रिपोर्ट में इस कांड के लिए पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया है। पूर्व जस्टिस डॉ बीएस चौहान की अध्यक्षता में बने न्यायिक आयोग ने तत्कालीन डीआईजी अनंत देव सहित 13 राजपत्रित पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है।
-विकास दुबे केस: जांच में पुलिसकर्मी दोषी करार
- फोटो : amar ujala
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कानपुर के चर्चित बिकरू कांड के मामले में न्यायिक आयोग ने भी शहर में तैनात रहे डीआईजी अनंत देव समेत 13 राजपत्रित पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है। पूर्व में एसआईटी भी इन राजपत्रित अधिकारियों को आरोपियों से मिलीभगत, लापरवाही के आरोपों में दोषी ठहरा चुकी है। बिकरू कांड की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने शहर में तैनात रहे डीआईजी अनंत देव के अलावा 12 डिप्टी एसपी दोषी पाए गए हैं। इसमें डीएसपी सूक्ष्म प्रकाश, आरके चतुर्वेदी, करुणाशंकर राय, पासपोर्ट नोडल अफसर अमित कुमार, नंदलाल प्रताप, हरेंद्र कुमार यादव, सुंदरलाल, प्रेम प्रकाश, राम प्रकाश, सुभाष चंद्र और लक्ष्मी निवास शामिल हैं। आयोग ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की संतुति की है। आयोग ने पाया है कि बिकरू कांड के पीछे इनकी लापरवाही व मिलीभगत रही है। विकास दुबे को शरण देने और उस पर नरमी बरतने में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ी। इसलिए इन सभी को दोषी ठहराया है।
-विकास दुबे केस
- फोटो : amar ujala
21 फाइलें बनी राज
आयोग की जांच से पता चला है कि विकास दुबे पर दर्ज केसों में से 21 केसों की फाइलें गायब हैं। इसमें से 11 फाइलें शिवली थाने की हैं। चार कल्याणपुर, पांच चौबेपुर और एक बिल्हौर की फाइल शामिल हैं। गायब फाइलों में विकास दुबे पर 1991 में दर्ज किये गए पहले केस की भी फाइल शामिल है।
आयोग की जांच से पता चला है कि विकास दुबे पर दर्ज केसों में से 21 केसों की फाइलें गायब हैं। इसमें से 11 फाइलें शिवली थाने की हैं। चार कल्याणपुर, पांच चौबेपुर और एक बिल्हौर की फाइल शामिल हैं। गायब फाइलों में विकास दुबे पर 1991 में दर्ज किये गए पहले केस की भी फाइल शामिल है।
-विकास दुबे केस: जय बाजपेई और पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
आयोग ने एसआईटी उस रिपोर्ट को भी अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है, जिसमें एसआईटी ने पुलिसिंग को लेकर बदलाव करने केसुझाव दिये थे। कि किसी तरह से पुलिसिंग की जरूरत है। जिससे अपराधी भय में रहे और इस तरह की हिमाकत न करें।
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-विकास दुबे केस
- फोटो : amar ujala
विभागीय कार्रवाई जारी
लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह चार अफसरों के खिलाफ जांच कर रही हैं। हाल में पूर्व एसपी ग्रामीण प्रद्युमभन सिंह, तत्कालीन सीओ कैंट आरके चतुर्वेदी, तत्कालीन सीओ एलआईयू सूक्ष्म प्रकाश ने उनको अपने-अपने बयान दर्ज कराए हैं। सूत्रों के अनुसार इन सभी अफसरों के खिलाफ चल रही जांच अंतिम दौर में है। जांच पूरी होने के बाद ये दोषी अफसर दंडित किए जाएंगे।
लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह चार अफसरों के खिलाफ जांच कर रही हैं। हाल में पूर्व एसपी ग्रामीण प्रद्युमभन सिंह, तत्कालीन सीओ कैंट आरके चतुर्वेदी, तत्कालीन सीओ एलआईयू सूक्ष्म प्रकाश ने उनको अपने-अपने बयान दर्ज कराए हैं। सूत्रों के अनुसार इन सभी अफसरों के खिलाफ चल रही जांच अंतिम दौर में है। जांच पूरी होने के बाद ये दोषी अफसर दंडित किए जाएंगे।
-विकास दुबे केस
- फोटो : amar ujala
जब्त की जाएंगी संपत्तियां
बिकरू कांड के जिन 34 आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी अब उनकी संपत्ति को जब्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीजी जोन ने संबंधित अफसरों को दस दिन के भीतर इन आरोपियों की एक-एक संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद टीम गठित कर एक-एक आरोपी की पूरी संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएगी।
बिकरू कांड के जिन 34 आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी अब उनकी संपत्ति को जब्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीजी जोन ने संबंधित अफसरों को दस दिन के भीतर इन आरोपियों की एक-एक संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद टीम गठित कर एक-एक आरोपी की पूरी संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएगी।