{"_id":"5fe23e508ebc3e3f7e5d3a9c","slug":"vikas-dubey-case-kanpur-news-sit-gets-evidence-of-corruption-charges-against-anant-dev","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: अनंत देव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के साक्ष्य एसआईटी को मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: अनंत देव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के साक्ष्य एसआईटी को मिले
Wed, 23 Dec 2020 08:31 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 23 Dec 2020 08:31 AM IST
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ देवेंद्र कुमार मिश्र ने आईपीएस अनंत देव पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। सीओ की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद इसका खुलासा हुआ है। एसआईटी को जांच में भ्रष्टाचार के साक्ष्य भी मिले हैं। इन रिकॉर्डिंग को एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया है।
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद तीस से अधिक कॉल रिकॉर्डिंग अब तक वायरल हो चुकी हैं। इनमें शहीद सीओ की पूर्व डीजीपी, जय बाजपेई समेत अन्य कई अफसरों की बातचीत की रिकॉर्डिंग है। सीओ ने जिससे भी बात की, उससे अनंत देव के बारे में कुछ न कुछ जरूर कहा।
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घर बनवाने से लेकर तमाम प्रापर्टी व सांठगांठ करने का भी जिक्र किया। इसी आधार पर एसआईटी की सिफारिश पर अनंत देव के कार्यकाल की जांच हो रही है। माना जा रहा है कि इस जांच के बाद विजिलेंस जांच शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
जद में आएंगे कई रिश्तेदार
सीओ ने आरोप लगाया था कि पूर्व एसएसपी अपने रिश्तेदारों को भी लाभ पहुंचा रहे हैं। एक रिश्तेदार उनके साथ ही रहता था। खासकर इंस्पेक्टर-दरोगाओं के ट्रांसफर पोस्टिंग में उसकी अहम भूमिका होती थी। इसका भी जिक्र है। लखनऊ और गाजियाबाद में प्रापर्टी होने का भी हवाला दिया गया। इसमें एक वकील के भी बयान अहम हैं। उसने जय बाजपेई के साथ पूर्व एसएसपी की सांठगांठ के साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
सीओ ने आरोप लगाया था कि पूर्व एसएसपी अपने रिश्तेदारों को भी लाभ पहुंचा रहे हैं। एक रिश्तेदार उनके साथ ही रहता था। खासकर इंस्पेक्टर-दरोगाओं के ट्रांसफर पोस्टिंग में उसकी अहम भूमिका होती थी। इसका भी जिक्र है। लखनऊ और गाजियाबाद में प्रापर्टी होने का भी हवाला दिया गया। इसमें एक वकील के भी बयान अहम हैं। उसने जय बाजपेई के साथ पूर्व एसएसपी की सांठगांठ के साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
रफा-दफा कर गए थे तमाम जांचें
बिकरू कांड के तुरंत बाद वायरल पत्र के मामले में आईजी लखनऊ रेंज ने जांच की थी। इसमें अनंतदेव को दोषी पाया था। जांच में ये भी सामने आया था कि ट्रांसफर होते ही पूर्व एसएसपी शहर के तमाम इंस्पेक्टर व दरोगाओं की जांच रफा-दफा कर गए थे। इस रिपोर्ट को एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया था। ये तथ्य एसआईटी ने भी सही पाया। इसमें भी आर्थिक लाभ लेने की आशंका जताई गई है।
बिकरू कांड के तुरंत बाद वायरल पत्र के मामले में आईजी लखनऊ रेंज ने जांच की थी। इसमें अनंतदेव को दोषी पाया था। जांच में ये भी सामने आया था कि ट्रांसफर होते ही पूर्व एसएसपी शहर के तमाम इंस्पेक्टर व दरोगाओं की जांच रफा-दफा कर गए थे। इस रिपोर्ट को एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया था। ये तथ्य एसआईटी ने भी सही पाया। इसमें भी आर्थिक लाभ लेने की आशंका जताई गई है।