फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Vikas Dubey: कानपुर पुलिस की एक और नाकामी, जय बाजपेई के तीनों गैंगस्टर भाई फरार

Sat, 01 Aug 2020 09:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 01 Aug 2020 09:59 AM IST
विज्ञापन
Vikas Dubey: Another failure of the Kanpur police, Jai Bajpai's three gangster brothers absconding
विकास दुबे का साथी जय बाजपेयी - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी के डर से जय बाजपेई के तीनों भाई रजय, अजय और शोभित फरार हो गए हैं। नजीराबाद इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के घर और करीबियों के यहां दबिश दी लेकिन एक भी आरोपी हाथ नहीं आया। सर्विलांस टीम को भी उनकी गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। इधर डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने मामले की जांच फजलगंज इंस्पेक्टर अमित कुमार तोमर को सौंप दी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पैरवी भी आरोपी करवा रहे हैं।


 
Vikas Dubey: Another failure of the Kanpur police, Jai Bajpai's three gangster brothers absconding
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और उसके तीन भाइयों पर नजीराबाद पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। बिकरू कांड में असलहा-कारतूस मुहैया कराने और विकास दुबे को फरार कराने की साजिश रचने के आरोप में जय जेल में है। पुलिस के अनुसार जय ने वारदात से एक दिन पहले 25 कारतूस, असलहा और 2 लाख रुपये विकास को दिए थे। 

 
Vikas Dubey: Another failure of the Kanpur police, Jai Bajpai's three gangster brothers absconding
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
नजीराबाद इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि उसके खिलाफ डकैती, बलवा, मारपीट, लूट, आर्म्स एक्ट आदि के आधा दर्ज केस दर्ज हैं। आपराधिक संलिप्तता से जय ने करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बनाई। इसमें उसके भाई रजय कांत, अजय कांत और शोभित ने भी साथ दिया। चारों भाइयों ने मिलकर गैंग बनाया और संपत्तियां कब्जाईं। इसलिए चारों भाइयों पर गैंगस्टर लगाया गया है। पुलिस ने जय की संपत्ति संबंधी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से साझा की है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Vikas Dubey: Another failure of the Kanpur police, Jai Bajpai's three gangster brothers absconding
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
जय ने स्कैन कर बनवाया था सचिवालय का पास
जिन तीन कारों से जय ने विकास और उसके साथियों को वारदात के फरार कराने की साजिश रची थी, उसमें से फॉरच्यूनर कार में 0828 नंबर का विधायक का पास लगा था। ये पास नंबर अलीगंज एटा के विधायक सतपाल सिंह का था। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि जांच में पता चला कि पास जय ने ही बनवाया था। जय ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर खड़ी विधायक की कार में लगे पास को स्कैन किया था और फिर उसका प्रिंट निकलवाया था।

 
विज्ञापन
Vikas Dubey: Another failure of the Kanpur police, Jai Bajpai's three gangster brothers absconding
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
साक्ष्य के लिए फोटो जुटाए
सीओ ने बताया जय की तीनों कारें अलग-अलग शख्स के नाम पर हैं। ऑडी कार भाजपा नेता प्रमोद विश्वकर्मा, फॉरच्यूनर राहुल सिंह और वेरना कपिल सिंह के नाम पर है। सिबिल खराब होने की वजह से दूसरों के नाम कारें फाइनेंस करवाई थीं। शोरूम से कार खरीदने से लेकर घर ले जाने व अन्य जगहों की वो फोटो जिसमें जय परिवार समेत है, उनको पुलिस ने जुटा लिया है। राहुल सिंह की पत्नी ने इससे संबंधित कई साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं, जिनको जांच में शामिल किया गया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed