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जिस दरोगा ने तोड़ा ब्रजेश के भाई का हाथ, नहीं लिखी गई उसके खिलाफ रिपोर्ट, परिवार का आरोप दबा दी गई तहरीर
Fri, 31 Jul 2020 06:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 31 Jul 2020 06:11 PM IST
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ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
कानपुर देहात में ब्रजेश के मौसेरे भाई अखिलेश और फुफेरे भाई मुकेश को ले जाकर मारपीट करने के आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर अफसरों ने दबा ली है। पुलिस ने अभी तक चौकी प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। एसडीएम राजीव राज सीओ को तहरीर देने की बात कह रहे है तो सीओ आशा पाल तहरीर न मिलने की बात बोल रहे हैं।
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
सीओ का कहना है कि तहरीर उन्हें नहीं पूर्व राज्यमंत्री सतीश पाल को दी गई थी। चौरा स्थित धर्मकांटा मैनेजर ब्रजेश का शव बरामद होने के बाद परिजन पुलिस की हीलाहवाली व परिजनों पर ही जुल्म ढाने के आरोप लगा रहे हैं। ब्रजेश के मौसेरे भाई अखिलेश पाल ने बताया था कि 18 जुलाई को अमरौधा चौकी इंचार्ज राकेश कुमार उसे और ब्रजेश के फुफेरे भाई मुकेश को थाने ले गए।
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
वहां उन दोनों को तीन दिनों तक रखा गया। इस दौरान पुलिस लगातार पीटती रही। उन पर ब्रजेश की हत्या कबूलने का दबाव बनाया जाता था। पिटाई से अखिलेश के सिर व कान मेें चोट आई थी। मुकेश के हाथ पर पैर रखकर मोड़ा गया था। इससे उसका हाथ टूट गया था।
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ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
बुधवार को अकबरपुर में पोस्टमार्टम होने के बाद ब्रजेश का शव अंतिम संस्कार को ले जाते समय आक्रोशित परिजनों ने कानपुर-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया था। उन्होंने मारपीट करने वाले चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सतीश पाल, एसडीएम व सीओ ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए लिखित तहरीर मांगी थी।
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ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
अखिलेश व मुकेश ने चौकी इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मौके पर ही तहरीर लिखकर दे दी थी। जिम्मेदार अफसर रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाय उसे दबाकर बैठ गए हैं। इससे परिजनों मेें नाराजगी है। उनका कहना है कि दोषी पुलिस कर्मियों को बचाया जा रहा है।