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होशियार! कहीं सस्ते सिम के लालच में न गवां बैठें सबकुछ, यहां गिरफ्तार हुए शातिर ठग
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 24 Mar 2018 09:26 AM IST
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पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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सड़क किनारे कैनोपी लगाकर सस्ते सिम बेचने वालों से सतर्क हो जाए। न तो आपका डाटा सुरक्षित रहेगा और न ही बैंक एकाउंट। इनके जरिए थंब इंप्रेशन और आधार नंबर हासिल कर शातिर आपके खाते में झाड़ू लगा सकते हैं। गुरुवार को कानपुर पुलिस ने एक ऐसा ही मामले का खुलासा किया। आधार कार्ड और थंब इंप्रेशन की क्लोनिंग करके लोगों के खाते से रुपये उड़ाने वाले शांतिनगर, रेलबाजार के मंसार खान और ग्वालटोली के नफीस आलम को एसएसपी की क्राइम ब्रांच के साइबर सेल और स्वरूप नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
टीम को मंसार और नफीस के थंब इंप्रेशन क्लोनिंग कर खाते से रुपये उड़ाने की जानकारी हुई। इसके बाद तलाश की गई, लेकिन दोनों को कोई सुराग नहीं लगा। इधर, टीम उनकी तलाश में लगी थी। गुरुवार को दोनों के स्वरूप नगर स्थित मुखर्जी द्वार के पास खड़े होने की जानकारी टीम को मिली। इस पर तत्काल स्वरूप नगर इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने कार्रवाई करते हुए दोनों को धर दबोचा।
डेमाे पिक
इसके बाद थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि सिम बेचने वालों सेलोगों का आधार नंबर और थंब इंप्रेशन हासिल करते थे। इसके बाद एक साफ्टवेयर की मदद से लोगों के खातों की डिटेल निकालकर छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन करते थे, जिसके लिए उन्हें सिर्फ लोगों के आधार नंबर और थंब इंप्रेशन की आवश्यकता होती थी। बैंकों की ओर से बड़े ट्रांसजेक्शन पर ही ओटीपी नंबर जारी किया जाता है। इसी का फायदा वह उठाते थे। एसएसपी का कहना है कि शातिरों केे कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और साइबर एक्ट में कार्रवाई की गई है।
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यह हुआ बरामद
डेमाे पिक
पुलिस टीम ने शातिरों की निशानदेही पर दो लैपटॉप, 32 मोबाइल, एक थंब इंप्रेशन मशीन, एक यूवी लैंप, 22 क्लोनिंग थंब इंप्रेशन स्कैनर सीट, 939 क्लोनिंग कर बनाई गई रबड़ स्टैंप, 829 कंपनियों के सिम और एक केयूवी-100 कार बरामद की है।
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10 से 50 रुपये में हासिल कर लेते थे डाटा
डेमाे पिक
शातिरों ने पूछताछ में बताया कि सिम बेचने वालों को 10 से 50 रुपये तक लालच देकर वह लोगों के आधार कार्ड और थंब इंप्रेशन हासिल कर लेते थे। इसके बाद क्लोनिंग थंब बनाने का काम शुरू होता था।