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यूपी: विदेशों में अश्लील वीडियो फोटो भेजे, जेई की रिमांड अर्जी के दौरान सीबीआई ने किए चौंकाने वाले खुलासे
Thu, 26 Nov 2020 12:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:47 PM IST
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आरोपी निलंबित जेई रामभवन
- फोटो : अमर उजाला
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बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी निलंबित जेई रामभवन को रिमांड पर लेने के लिए सीबीआई और बचाव पक्ष दोनों ने ही अदालत के सामने दलीलें रखीं। सीबीआई के अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह का कहना था कि अभियुक्त विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा। बच्चों का अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर बेचा है।
आरोपी जेई रामभवन को ले जाती पुलिस
- फोटो : amar ujala
अश्लील वेबसाइटों पर लिस्ट/लोड किया है। अन्य व्यक्तियों के नाम फेक ई-मेल आईडी बनाकर भारत एवं विदेशी नागरिकों से अश्लील वीडियो और फोटोग्राफ आदान-प्रदान किए जाने का साक्ष्य विवेचना में मिला है। सीबीआई अधिवक्ता ने कहा कि विवेचना के दौरान कुछ बच्चों का नाम-पता ज्ञात हुआ है।
आरोपी जेई
- फोटो : amar ujala
अभियुक्त से उनकी पहचान और अन्य पीड़ित बच्चों के नाम पता किए जाने हैं। अभियुक्त के घर में जो बच्चों के फोटो, रिकार्डिंग, इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिले हैं उनके बारे में वह सही नहीं बता रहा। दूसरी तरफ अभियुक्त के अधिवक्ता अनुराग पटेल व देवदत्त तिवारी ने अदालत को बताया कि सीबीआई ने रिमांड अर्जी किसी राजपत्रित अधिकारी से अग्रसारित नहीं कराई है।
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जानकारी देते जेई शशि कांत
- फोटो : अमर उजाला
रिमांड सिर्फ थर्ड डिग्री प्रयोग करने के लिए लिया जा रहा है। न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने अपने आदेश में कहा है कि सीबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के अनुसार अभियुक्त रामभवन को सीबीआई ने पहली बार 16 नवंबर को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।
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अवर अभियंता रामभवन
- फोटो : अमर उजाला
ऐसी स्थिति में उसी दिन से 15 दिन की गणना की जाएगी। यह 30 नवंबर को पूरी होगी। सीबीआई ने रिमांड अर्जी 17 नवंबर को दी है। यह निर्धारित अवधि 15 दिन के अंदर है। अत: रिमांड दिया जा सकता है। न्यायाधीश ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई बनाम अनुपम जे. कुलकर्णी एआईआर-1992 की नजीर भी दी।