{"_id":"5ad2fcea4f1c1ba1098b49e3","slug":"unnao-police-insensitivity-in-case-of-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेप के बाद नाबालिग ने बच्ची को दिया जन्म, पुलिस के इंतजार में तीन दिन रखा रहा नवजात का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेप के बाद नाबालिग ने बच्ची को दिया जन्म, पुलिस के इंतजार में तीन दिन रखा रहा नवजात का शव
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:13 PM IST
विज्ञापन
डेमाे पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव जिले में एक और किशोरी से दुराचार के मामले में पुलिस की संवेदनहीनता का नया और बड़ा उदाहरण सामने आया है। रेप के बाद गर्भवती हुई किशोरी के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन वक्त से पहले हुए (प्रीमेच्योर) प्रसव के बाद जन्मी बच्ची की मौत की सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजे में पीड़ित परिवार को तीन दिन नवजात का शव घर में ही रखना पड़ा। शनिवार को उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा और गंभीर हाल में पहुंची किशोरी को सीएचसी में भर्ती कराया।
विज्ञापन
डेमाे पिक
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी इस दलित परिवार को कमजोर मानसिक स्थिति वाली नाबालिग बेटी के गर्भवती होने की जानकारी कुछ दिनों पहले उसके पेट पर सूजन और दर्द बढ़ने पर हुई थी। डॉक्टरी जांच में उसके पांच माह की गर्भवती होने की बात पता चली तो पूछताछ में गांव के ही युवक द्वारा दुष्कर्म का राज खुला। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो अप्रैल को आरोपी मोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमाे पिक
बुधवार सुबह करीब पांच बजे किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया। पांच माह पर ही प्रसव के कारण नवजात की कुछ समय बाद ही मौत हो गई। पीड़िता के पिता का कहना है कि इसकी सूचना हल्के के दरोगा को दी तो उन्होंने नवजात के शव का पोस्टमार्टम जरूरी बताते हुए कुछ समय बाद घर आने के लिए कहा। पुलिस के न आने पर नवजात का शव लोहे के तसले से ढक कर रख दिया। तीन दिन बीतने पर भी पुलिस नहीं आई तो शनिवार को कोतवाली जाकर सारा वाकया बताया।
डेमाे पिक
हसनगंज कोतवाली प्रभारी राघवन सिंह ने आनन-फानन पुलिस के जरिए नवजात का शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचवाया। साथ ही चौकी इंचार्ज अखिलेश प्रजापति व महिला कांस्टेबल मीरा की देखरेख में किशोरी को सीएचसी में भर्ती करवाया। कोतवाल के मुताबिक मामले की अनदेखी करने वाले दरोगा पर कार्रवाई के लिए पीड़ित परिवार से लिखित शिकायत मांगी है। अधिकारियों को भी मामले की जानकारी भेज रहे हैं।