दिन भर कपकपाया कानपुर, दो ने दम तोड़ा
- शीत लहर का कहर, सामान्य से छह डिग्री नीचे पहुंचा पारा
- गलन भरी सर्दी ने दिनभर बेचैन किया, दो लोगों की हार्ट अटैक से मौत
पहले ट्रेन लेट होने की तकलीफ और उस पर बढ़ती ठंड की तकलीफ
बता दें दिसंबर के दूसरे हफ्ते में ऐसी गलन कई सालों बाद पड़ी है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अलाव जला दिन काटा। गुरुवार को अधिकतम पारा 17.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य (23.6 डिग्री) से छह डिग्री कम है।
रेलवे स्टेशन पर लोग घंटों ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। ज्यादातर लोग अपना बोरिया-बिस्तर साथ लेकर आए थे। ठंड से बचने के लिए यात्रियों ने इनका सहारा लिया। वहीं ज्यादातर ट्रेनें घना कोहरा होने के चलते अपने निर्धारित समय से देरी पर पहुंच रही है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह दूसरा मौका है, जब इतनी सर्दी पड़ी। इसका कारण उत्तराखंड की बर्फीली हवाएं हैं। वहीं दिन की सर्दी ने पिछले 25 सालों का रिकार्ड भी तोड़ दिया है। 1991 के बाद इस 8 दिसंबर को अधिकतम पारा इतने नीचे नहीं गिरा था। पिछले कई सालों में इस दिन का सामान्य पारा 24-25 डिग्री सेल्सियस रहा है।
ठंड के कहर से दो ने दम तोड़ा
गुरुवार को कानपुर में दो लोगों की ठंड से मौत हो गई। वहीं, दो दर्जन मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे। कार्डियोलाजी में भर्ती चकेरी के कृष्णा नगर के नेताजी नगर निवासी नन्हे लाल (55) पेंटर था। परिजनों के अनुसार नन्हे को ठंड लग गई थी।
न्यूनतम पारा भी गिरा
नमी 100 फीसदी
वातावरण की नमी 100 फीसदी हो गई है। नमी ही वाष्प बनाती है। यह पृथ्वी के ऊपरी और निचले हिस्से में जमकर गलन बढ़ाती है। यही कोहरे और शीत लहर की बड़ी वजह है। वातावरण में दोपहर की नमी 78 फीसदी रही है।
आगे भी कड़ाके की सर्दी