फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भीषण सड़क हादसा, तीन प्रवासियों की मौत, मृत बच्ची को सीने से लगा बुलाता रहा चाचा, चीखों ने तोड़ा सन्नाटा

Wed, 13 May 2020 11:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Wed, 13 May 2020 11:04 PM IST
Three migrants died in a horrific road accident
कानपुर देहात में हुआ भीषण सड़क हादसा - फोटो : amar ujala
कानपुर देहात में बुधवार सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ। गुजरात के अहमदाबाद से प्रवासी मजदूर डीसीएम में बैठकर बलरामपुर जा रहे थे। कानपुर-झांसी हाईवे पर अकबरपुर कोतवाली के लालपुर चौकी क्षेत्र में खड़े ट्रक में पीछे से डीसीएम भिड़ गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 55 मजदूर घायल हैं। जिसमें से 6 मजदूरों को कानपुर रेफर किया गया है। 


 
Three migrants died in a horrific road accident
घटना के बाद मौके पर पहुंचे आधिकारी - फोटो : amar ujala
कानपुर देहात में बलरामपुर के पनवापुर उतरौला के शफीक को सड़क हादसा न भूलने वाला गम दे गया। लॉकडाउन में फंसा परिवार घर वापसी को निकला तो शफीक व उसका भाई आजम अली बेहद खुश थे। घर कब आएगा यह सवाल चार वर्षीय बच्ची सौमैया बार-बार चाचा से आजम से पूछ रही थी। वह उसे दिलासा देता कि जल्द ही घर आएगा।

 
Three migrants died in a horrific road accident
हादसे के बाद का नजारा - फोटो : amar ujala
इसी बीच हादसा हो गया। सौमैया की मौत पर परिवारी बिलख पड़े। आजम अली मृत सौमैया को गोद में लेकर काफी देर अस्पताल में दीवार पर टेक लगाकर बैठा रहा। बीच-बीच में वह कहता कुछ तो बोलो, आंखें खोलो सौमैया, अब घर आने वाला है। वहां तुम खूब खेलना, अब कोई नहीं रोकेगा। यह देखकर स्वास्थ्य व पुलिस कर्मियों की भी आंख भर आई। वहीं संत कबीर नगर, मुसायरा निवासी रीमा, उसकी तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा, पांच वर्ष की प्रज्ञा घायल हो गई। दर्द से कराहते बच्चों को जल्द ठीक होने का ढांढस बंधाती रीमा खुद अपना दर्द छिपाती रही।

 
विज्ञापन
Three migrants died in a horrific road accident
घटना के बाद लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
चीख-पुकार के बीच अपनों को तलाशते रहे घायल
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूर के मन में जल्द घर पहुंचने की खुशी थी। सुबह कुछ उस नीदें से थे, तो कुछ बच्चों को संभाल रहे थे। कष्ट भरी यात्रा के बीच हादसा हुआ तो सामान बिखरने के साथ लोग सड़क पर जा गिरे। चीख-पुकार के बीच घायल अपनों की तलाश करते रहे।

 
Three migrants died in a horrific road accident
पीड़ितों से पूछताछ करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
मनीषा को अस्पताल में मिले घायल भाई
हादसा स्थल पर रो रही बलरामपुर की मनीषा ने बताया कि पिता व तीन भाइयों के साथ थी। हादसे के बाद डीसीएम से बाहर आ गिरी। वह काफी देर तक परिजनों की तलाश करती रही। कई घंटे तक उनका पता नहीं चल सका। एक पुलिस कर्मी ने जिला अस्पताल जाने को कहा। वहां इमरजेंसी में घायल परिजन भर्ती मिले, लेकिन सामान गुम हो गया।

 
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed