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हर कदम पर एक तहखाना है, बाबा के आश्रम से जुड़े 7 राज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 25 Dec 2017 08:43 AM IST
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद शहर के मोहल्ला सिकत्तरबाग में आश्रम तीन मंजिल बना है। प्रत्येक मंजिल पर तहखाने हैं। तलाशी के दौरान रसोईघर के पास एक तहखाना व दूसरा जीने के पीछे मिला। दूसरी मंजिल पर नौ तहखाने व तीसरी मंजिल पर पांच तहखाने मिले। छत पर को गेट पर ताला पड़ा होने पर अमृतपुर के दरोगा पंकज कुमार ने ताले को तोड़ दिया।
बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम चारों ओर से लोहे के जाल और जाल से सील है। इनमें हवा के अलावा पक्षी तक नहीं जा सकता है। सिकत्तर बाग और कंपिल के चौधरियान मोहल्ले में बाबा वीरेंद्र देव के बने आश्रम चारों ओर से सील है। इन आश्रम में चारों ओर लोहे के जाल लगे है।
इन जालों में लोहे की जाली लगी हुई है। जो जाली काले रंग की चादर से सील है। आश्रम के अंदर हवा हीं जा सकती है। पक्षी भी आश्रम के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। इस तरह चारों ओर से बंद आश्रम स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय कई सालों से बना हुआ है।
इन जालों में लोहे की जाली लगी हुई है। जो जाली काले रंग की चादर से सील है। आश्रम के अंदर हवा हीं जा सकती है। पक्षी भी आश्रम के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। इस तरह चारों ओर से बंद आश्रम स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय कई सालों से बना हुआ है।
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बाबा वीरेंद्र देवे दीक्षित के कंपिल और सिकत्तरबाग आश्रम के गेट दिन में बंद रहते है। इन आश्रम से दिन के उजियारे में कोई भी निकलता हुआ स्थानीय लोगों को नजर नहीं आता है। रात के अंधेरे मेें जब सभी लोग सो जाते है तब आश्रम का गेट खुलाता और यहां लोग आते और जाते है।
सिकत्तरबाग और कंपिल के चौधरियान मोहल्ले के लोगों को कहना है कि रात के समय आश्रम से गाड़ियों से लोग आते है और रात में हीं वापस चले जाते है। कभी कभी चिल्लाने की आवाजे भी रात के समय आती है। आश्रम चारों ओर से बंद होने के कारण अंदर क्या होता है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाती।
सिकत्तरबाग और कंपिल के चौधरियान मोहल्ले के लोगों को कहना है कि रात के समय आश्रम से गाड़ियों से लोग आते है और रात में हीं वापस चले जाते है। कभी कभी चिल्लाने की आवाजे भी रात के समय आती है। आश्रम चारों ओर से बंद होने के कारण अंदर क्या होता है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाती।
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सिकत्तरबाग स्थित आश्रम में मुंबई की रहने वाली संवासनी बहन ज्योति ने तलाशी के समय कहा कि यह समाज लुटेरों का जंगल है। इस कारण आश्रम की सुरक्षा को कड़े इंतजाम किए गए है। यहां ज्ञान दिया जाता है। जो ज्ञान लेना चाहते है, उनको हीं प्रवेश दिया जाता है। बाहरी लोग आकर परेशान करते है। बाबा वीरेंद्र देव भ्राता है। वह ज्ञान देने आते है।
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अाश्रम में महिलायें
- फोटो : अमर उजाला
मोहल्ला चौधरियान निवासी तेजसिंह यादव का कहना है कि जब-जब आश्रम की गतिविधियों को लेकर विरोध किया तो मोहल्ले के लोगों के खिलाफ आश्रम से अनुयायी झूठा मुकदमा लिखा देते है। अभी तक करीब 27 लोगों के खिलाफ मुकदमे लिख चुके है। पुलिस भी ठीक से जांच करने में लापरवाही बरतती है।