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Tax Raid: पीयूष जैन के कन्नौज ठिकाने पर टीम को मिला तहखाना, पुरातत्व विभाग की टीम खोजेगी छिपा खजाना
Sun, 26 Dec 2021 04:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 Dec 2021 04:44 PM IST
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Tax Raid: कानपुर के बाद कन्नौज के ठिकानों पर छापेमारी
- फोटो : amar ujala
इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कन्नौज स्थित ठिकाने पर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है. नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि इत्र कारोबारी के कन्नौज स्थित मकान में तहखाना है। इसमें बोरियों में रुपये भरकर रखे गए हैं। इसके अलावा मकान की दीवारों में नोटों की गड्डी और गहने छिपाए गए हैं। वहीं पूरे मकान की दीवारों में जगह-जगह नोट या गहने होने की आशंका के चलते डीजीजीआई की टीम ने लखनऊ के पुरातत्व विभाग के अफसरों से संपर्क किया है। रविवार को पुरातत्व विभाग की टीम उपकरणों के माध्यम से नोट, गहने आदि का पता लगाएगी। पीयूष जैन के ठिकानों से मिली 181 करोड़ रुपये की नकदी ने जांच एजेंसियों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विभागीय अफसरों का कहना है कि पीयूष का कारोबार इतना बड़ा नहीं है कि नवंबर 2016 में नोटबंदी और बीच में करीब डेढ़ साल के कोरोना काल के बाद वह इतनी बड़ी रकम जुटा ले।
Tax Raid
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में नकदी किसकी है, कहां से आई और कहां खपाई जानी थी? जैसे तमाम सवालों के जवाब तलाशने की चुनौती महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) समेत अन्य जांच एजेंसियों के सामने हैं। आशंका है कि यह रकम चुनाव में खपाने के लिए इत्र कारोबारी के यहां इकट्ठा की गई थी।
piyush jain income tax raid
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि आनंदपुरी में मिले नोटों को काफी संजोकर रखा गया था। गड्डी को पहले कागज और फिर पन्नी और बाद टेप लगाकर सुरक्षित किया गया था, ताकि नोटों को लंबे समय तक आसानी से रखा जा सके। इत्र कारोबारियों का कारोबार कानपुर और कन्नौज में है। इनकी बहुत बड़ी फैक्टरी या इकाई नही है, जिससे इतना बड़ा टर्नओवर हो।
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piyush jain income tax raid
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में हवाला का कारोबार लंबे समय से संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। इस बात की आशंका ज्यादा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हवाला के जरिये मोटी रकम इत्र कारोबारी के ठिकानों पर जुटाई गई, जिसे यहां से अलग-अलग शहरों में भेजने की योजना रही हो। हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, खुलासा होता जाएगा।
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piyush jain income tax raid
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग की जांच शुरू होने पर आय के स्रोतों, संपत्तियों आदि की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। डीजीजीआई ने शिखर पान मसाला, ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन और इत्र कारोबारी के यहां एक साथ छापा मारा था। ऐसे में शिखर पान मसाला कंपनी के मालिक प्रदीप अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर और कारोबारी के अलग-अलग मिलने वालों का रुपया होने के एंगल पर भी जांच की जा रही है।