फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'सीबीआई में भूचाल' लाने वाले कानपुर के मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की पूरी कहानी कर देगी हैरान

Sat, 27 Oct 2018 08:33 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 27 Oct 2018 08:33 AM IST
विज्ञापन
Story of Meat businessman Moin Qureshi Surprised CBI
डेमो पिक

जिस मीट कारोबारी की वजह से देश की सबसे बड़ी एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में भूचाल आ गया, जो अब तक तीन सीबीआई डायरेक्टर्स की बलि ले चुका है। उसकी कहानी जानकर आज सभी हैरान हैं। मूल रूप से कानपुर का रहने वाला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी केवल भारत में ही नहीं विदेश में भी अपना मीट का कारोबार चला रहा है। रामपुर में छोटे से बूचड़खाने की शुरुआत करने वाला मोइन कैसे ताकतवर कारोबारी बन गया इसके किस्से आज जग जाहिर होने लगे हैं। मोइन कुरैशी ही वो शख्स है जिसके केस की वजह से सीबीआई की भीतरी लड़ाई सड़क पर आ गई।  

 

 

Story of Meat businessman Moin Qureshi Surprised CBI
डेमो पिक

रामपुर में जन्मा मोइन अख्तर कुरैशी उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखता है। साल 1993 में उसने कानपुर और रामपुर में छोटा सा बूचड़खाना खोला था और जल्द ही वह देश का सबसे बड़ा मांस कारोबारी बन बैठा। पच्चीस सालों से मोइन ने निर्माण और फैशन समेत कई क्षेत्रों में 25 से ज्यादा कंपनियां खड़ी कर लीं। उसने अपनी पढ़ाई दून स्कूल और सेंट स्टीफेंस से की थी। उसके खिलाफ कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में शामिल होने के कई आरोप लगे और जांच हुई। इसके साथ-साथ उसने हवाला के जरिए बड़ा लेनदेन किया। उस पर सीबीआई अफसरों, राजनेताओं समेत कई अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप लगे। 

Story of Meat businessman Moin Qureshi Surprised CBI
डेमो पिक

मोइन कुरैशी का नाम सबसे पहले 2014 में सामने आया, जब यह पता चला कि 15 महीने में कुरैशी कम से कम 70 बार तत्कालीन सीबीई चीआफ रंजीत सिन्हा के घर पर गया था। आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच मौजूदा विवाद में हैदराबाद के बिजनसमैन सतीश बाबू सना का नाम भी सामने आया है। सना ने पिछले साल ईडी को कथित तौर पर बताया था कि उसने सिन्हा के जरिए एक सीबीआई केस में फंसे अपने दोस्त को जमानत दिलाने के लिए 1 करोड़ रुपये कुरैशी को दिए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Story of Meat businessman Moin Qureshi Surprised CBI
डेमो पिक

साल 2014 में पता चला कि कुरैशी और एक अन्य सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह के बीच मैसेज का आदान-प्रदान हुआ था। सिंह 2010 से 2012 तक एजेंसी के हेड रहे। आयकर विभाग और इडी ने मामले की जांच की और पिछले साल फरवरी में सीबीअाई ने भी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया, जिससे कुरैशी के साथ उनके संबंधों की जांच हो सके। आरोपों के चलते सिंह को संघ लोक सेवा आयोग में सदस्य की अपनी पोस्ट छोड़नी पड़ी। एपी सिंह भी लगातार आरोपों से इनकार करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई ने अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। 

विज्ञापन
Story of Meat businessman Moin Qureshi Surprised CBI
डेमो पिक

कुरैशी की जांच के सिलसिले में आलोक वर्मा पर सवाल खड़े किए गए। सरकार ने उनसे सभी अधिकार वापस ले लिए। दरअसल, राकेश अस्थाना ने आरोप लगाया है कि कुरैशी केस में राहत पहुंचाने के लिए वर्मा ने सना से दो करोड़ रुपये की रिश्वत ली है। दूसरी ओर आलोक वर्मा ने अस्थाना के खिलाफ पिछले हफ्ते एफअाईआर दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्थाना ने सना से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed