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यूपीः भगवान हनुमान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों से चौतरफा विरोध के स्वर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:11 AM IST
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भगवान हनुमान को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए बयान से चौतरफा आवाजें उठने लगी हैं। हमीरपुर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात कही। साथ ही सवर्ण चेतना मंच ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री को हटाने की मांग की।
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सवर्ण चेतना मंच और कांग्रेस के कार्यकताओं ने ज्ञापन में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने राजस्थान की मालाखेड़ा अलवर की चुनावी सभा में बजरंगबली को दलित कहा था। कहा कि इससे समाज एवं संत समाज की भावनाओं कोठेस पहुंचाई है। कहा कि किसी भी ग्रंथ में हनुमान को दलित नहीं कहा गया है। कहा कि मुख्यमंत्री को त्याग पत्र देकर माफी मांगनी चाहिए।
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एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित करार दिया था। इस दौरान सीएम योगी ने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो खुद वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं।
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उधर मुरादाबाद में गुरुवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दायर किया गया है। शिकायतकर्ता वकील त्रिलोक चंद्र दिवाकर ने परिवाद में कहा है कि बुधवार को राजस्थान के अलवर जनपद में हुई एक चुनावी सभा में योगी आदित्य नाथ ने भगवान हनुमान को दलित बताकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। अदालत ने परिवाद को मंजूर करते हुए इस मामले की सुनवाई दस दिसंबर तय की है।शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिये पता चला कि बुधवार को राजस्थान के अलवर में चुनावी सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिरकत की थी।
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जिसमें उन्होंने अपने भाषण के दौरान भगवान हनुमान को दलित बताया। जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने अदालत में परिवाद दायर कराकर इस मामले में कार्यवाही की मांग की। जिसमें कहा कि प्रतिवादी को भी अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया जाए। अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने परिवाद की सुनवाई की तारीख दस दिसंबर तय की है।