क्या कभी अपने सोचा है कि आप सो कर उठें और अपने हाथ पैर ना हिला पाएं। यह कितना डरा देने वाला होगा सोच कर ही अपकी रूह कांप जाएगी। कई बार सोते वक्त हमें ऐसा लगता है कि हम जाग तो गए हैं लोकिन अपने हाथ-पैर नहीं हिला पा रहे हैं, लेकिन कुछ ही देर में यह ठीक भी हो जाता है। आज हम जानेंगे क्या है इसपर धर्म और विज्ञान का नजरिया।
अगर सोते समय थम जाते हैं आपके हाथ और पैर तो अब जान लें इसका असली कारण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंडित विजय पांडे बताते हैं कि इस तरह की चीजें ज्यादातर उन लोगों के साथ होती हैं जिनके ऊपर किसी तरह का जादू टोना कराया गया होता है। जब भूत प्रेत इंसानी शरीर पर काबू करने की कोशिश करते हैं तो दिमाग तो अपनी तरह से ही काम करता है लेकिन शरीर पर इंसान का बस नही रह जाता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- कमजोर दिल वालों पर पड़ता है अधिक प्रभाव...
दिल और दिमाग से कमजोर लोग इससे नहीं उभर पाते हैं और दिमाग पर भी इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं दूसरी ओर जो लोग दिल और दिमाग से मजबूत होते हैं उनपर इसका अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है और सोते समय ही अचानक उनकी नींद खुल जाती है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- जब इंद्रियां हो जाती हैं सुप्त...
इसे सुप्त अवस्था भी कहते हैं यह अवस्था मृत अवस्था के समान होती है। जब बुरी शक्तियां इंसान पर प्रभाव डालना शुरू करती हैं तो उसकी इंद्रियां सुप्त हो जाती हैं और इसी कारण इंसानी शरीर काम करना बंद कर देता है। लेकिन विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो इसका कारण कुछ और ही है।
मनोवैज्ञानिक डॉ. उन्नती कुमार बता रहे हैं कि इसपर मेडिकल साइंस का क्या नजरिया है...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- स्लीप पैरालिसिस के बारे में...
डॉ उन्नती कुमार बताते हैं कि ऐसी समस्या को स्लीप पैरालिसिस कहा जाता है। ऐसी अवस्था में इंसान का शरीर सोते समय पैरालाइज हो जाता है। इसका असर 10-30 सेकेंड तक रहता है, इसमें इसान का दिमाग तो जाग जाता है लेकिन शरीर नींद से नहीं जाग पाता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- एस्ट्रल ट्रेवल के बारे में...