{"_id":"5b865a5242c792465943095c","slug":"special-story-on-cyber-crime","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"साइबर ठगी करने वालों की अब खैर नहीं, यहां पुलिस ने की कुछ एेसी तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर ठगी करने वालों की अब खैर नहीं, यहां पुलिस ने की कुछ एेसी तैयारी
मनीष निगम, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 30 Aug 2018 08:50 AM IST
सार
-शहर में बनाई जाएगी साइबर फॉरेंसिक लैब
-एसएसपी के प्रस्ताव को शासन की हरी झंडी
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर ठगी करने वालों पर नकेल कसने के लिए यूपी के कानपुर शहर में कानपुर रेंज की पहली साइबर फॉरेंसिक लैब निर्माण को लेकर शासन की हरी झंडी मिल गई। बजट मिलने के बाद जल्द ही ट्रैफिक पुलिस लाइन में स्थित एसपी क्राइम दफ्तर में इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय डिजिटल युग है। उच्च तकनीकों की मदद से अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए साइबर अपराधियों को पकड़ना और उन्हें सजा दिलाना बड़ी चुनौती है। साइबर अपराधियों की ऐसी ही चुनौतियों से निपटने को साइबर लैब बनाने की तैयारी की गई है।
डेमो पिक
शासन को भेजे गए प्रस्ताव में आधुनिक मशीन, कम्प्यूटर, हाईटेक साफ्टवेयर के साथ ही तीन शिफ्टों में 22 प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती का मसौदा रखा गया। ट्रैफिक पुलिस लाइन स्थित एसपी क्राइम के दफ्तर परिसर में छह कमरों की लैब होगी। इसमें एक हाल में लैब बनेगी। बाकी में विवेचक और अधिकारियों का दफ्तर होगा। अधिकारी जनता की साइबर क्राइम से जुड़ी समस्याएं सुनेंगे और कार्रवाई की जाएगी।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- ये काम होंगे...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- ये काम होंगे...
डेमो पिक
लैब खुलने से सीडीआर एनालिसिस, डेटा रिकवरी, दस्तावेज कलेक्शन, फाइल कार्विंग, ई-मेल ट्रेसिंग, मेमोरी ट्रेसिंग और मोबाइल फॉरेंसिक सॉल्यूशन, ईमेज मैचिंग, सेल टाइप एनालिसिस, फैराडे बैग तकनीक के जरिए बिना मोबाइल ऑन किए डाटा निकालने का काम हो सकेगा।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- कैसे काम करेगा साइबर लैब...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- कैसे काम करेगा साइबर लैब...
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो पिक
साइबर अपराध अन्वेषण केंद्र में अपराधियों के मोबाइल और कंप्यूटर का डाटा लेकर उसे इन्वेस्टीगेट किया जा सकता है। इसके साथ ही ईमेल, सोशल साइट के जरिए होने वाले अपराध पर भी लगाम लग सकेगी।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- चुनिंदा साइबर उपकरणों का इस्तेमाल...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- चुनिंदा साइबर उपकरणों का इस्तेमाल...
विज्ञापन
डेमो पिक
साइबर लैब को छह सेक्शन में बांटा जाएगा, जिसमें हर सेल का एक इंचार्ज होगा। जनता से जुड़े साइबर क्राइम के मामलों का चुनिंदा साइबर उपकरणों की मदद से खुलासा किया जाएगा।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- लैब में ट्रेनिंग की भी होगी सुविधा...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- लैब में ट्रेनिंग की भी होगी सुविधा...