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विकास दुबे कांड में सामने आई एसपी ग्रामीण की बड़ी लापरवाही, पहले से थी दबिश की जानकारी, शासन ने मांगा जवाब
Tue, 22 Dec 2020 04:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 22 Dec 2020 04:39 PM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दबिश की जानकारी उन्हें भी थी लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया और आधी-अधूरी तैयारी के साथ फोर्स ने दबिश दी। दबिश के प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया गया। यह खुलासा एसआईटी की जांच में हुआ है। शासन ने एसपी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके आधार पर शासन एसपी पर कार्रवाई करेगा।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए बिकरू में दबिश की जानकारी शहीद सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र ने एसपी ग्रामीण को भी दी थी। सीओ ने कहा था कि विकास दुबे के गांव में दबिश देना आसान नहीं है। वह बड़ा अपराधी है। थानेदार भी मिला हुआ है। हालांकि एसपी ने ध्यान नहीं दिया और दबिश में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। एसआईटी की रिपोर्ट लिखा गया है कि खूंखार अपराधी के घर दबिश देने की कोई योजना एसपी ने बनाई और उच्च अधिकारियों को अवगत नहीं कराया। बॉडी प्रोटेक्टर समेत दबिश के अन्य नियमों को भी दरकिनार किया गया।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
अहम साबित हुई कॉल रिकॉर्डिंग
वारदात के बाद कई कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुईं। एक-दो रिकॉर्डिंग एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार व शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र की भी हैं। कॉल रिकॉर्डिंग में सीओ ने एसपी से कहा था कि एसओ चौबेपुर विनय तिवारी विकास दुबे के पैर छूता है। उसका नाम दबिश में न आए, इसलिए मुझे साथ में चलने को कह रहा है। सीओ ने ये भी कहा कि कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है। इस पर एसपी हां, हां और अच्छा करते सुनाई दे रहे। इन कॉल रिकॉर्डिंग को भी एसआईटी ने जांच में शामिल किया था।
वारदात के बाद कई कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुईं। एक-दो रिकॉर्डिंग एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार व शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र की भी हैं। कॉल रिकॉर्डिंग में सीओ ने एसपी से कहा था कि एसओ चौबेपुर विनय तिवारी विकास दुबे के पैर छूता है। उसका नाम दबिश में न आए, इसलिए मुझे साथ में चलने को कह रहा है। सीओ ने ये भी कहा कि कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है। इस पर एसपी हां, हां और अच्छा करते सुनाई दे रहे। इन कॉल रिकॉर्डिंग को भी एसआईटी ने जांच में शामिल किया था।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए नहीं हुई बड़ी कार्रवाई
बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने 29 जून को कानपुर में एसपी ग्रामीण का पद संभाला था। तीन दिन बाद दो जुलाई की रात कांड हो गया। ऐसे में एसपी को अपना क्षेत्र समझने का भी समय नहीं मिला। वह अपने अधीनस्थ थानों के थानेदार व सीओ के साथ बैठक भी नहीं कर सके थे।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने 29 जून को कानपुर में एसपी ग्रामीण का पद संभाला था। तीन दिन बाद दो जुलाई की रात कांड हो गया। ऐसे में एसपी को अपना क्षेत्र समझने का भी समय नहीं मिला। वह अपने अधीनस्थ थानों के थानेदार व सीओ के साथ बैठक भी नहीं कर सके थे।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
शहीद सीओ भी जांच में दोषी
एसआईटी ने शहीद सीओ को भी दोषी ठहराया है। रिपोर्ट में कई साक्ष्यों का जिक्र भी किया है। दरअसल, चौबेपुर थाना उन्हीं के सर्किल में था। ऐसे में विकास दुबे को सक्रिय अपराधियों की सूची में न शामिल करना, टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट से उसका नाम बाहर रखना और जमानत खारिज कराने को लेकर कोई कार्रवाई न करने की वजह से उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
एसआईटी ने शहीद सीओ को भी दोषी ठहराया है। रिपोर्ट में कई साक्ष्यों का जिक्र भी किया है। दरअसल, चौबेपुर थाना उन्हीं के सर्किल में था। ऐसे में विकास दुबे को सक्रिय अपराधियों की सूची में न शामिल करना, टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट से उसका नाम बाहर रखना और जमानत खारिज कराने को लेकर कोई कार्रवाई न करने की वजह से उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।