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लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए सपा-बसपा ने तैयार किया मास्टर प्लान
Fri, 22 Feb 2019 08:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Feb 2019 08:07 AM IST
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लोक सभा चुनाव 2019 के लिए सपा बसपा गठबंधन ने भाजपा को करारी शिकस्त देने के लिए अपनी कमर कस ली है। इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दोनों दलों ने बुंदेलखंड को आधा-आधा बांट लिया है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड में सपा ने बसपा से 65 हजार से ज्यादा पाए थे।
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बुंदेलखंड में रनर-विनर फार्मूले को थोड़ा इधर-उधर करके सपा और बसपा ने लोकसभा की सीटों पर यहां अपनी बराबरी की भागीदारी बरकरार रखी है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की चार सीटों में से दो पर बसपा और दो पर सपा के प्रत्याशी रनर (दूसरे नंबर पर) रहे थे। बुंदेलखंड में बसपा की जड़ें काफी मजबूत रही हैं।
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वजूद में आने के बाद से ही बुंदेलखंड में बसपा ने अपना परचम फहरा दिया था। विधानसभा से लोकसभा चुनाव तक उसके प्रत्याशी जीते। कमोवेश यही स्थिति यहां सपा की भी रही। सपा ने भी यहां अपने सांसद और विधायक जिताए। हालांकि सत्ता में रहते हुए भी सपा बुंदेलखंड में सभी विधानसभा क्षेत्रों में अपने झंडे नहीं गाड़ सकी।
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वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी लहर ने इन दोनों दलों को दरकिनार कर दिया। कांग्रेस भी हाशिए पर आ गई। लोकसभा से लेकर विधानसभा, जिला पंचायत और स्थानीय निकायों से भी सपा और सपा का एक-एक कर सफाया हो गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की चारों सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी।
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इनमें दो सीटों बांदा-चित्रकूट और उरई-जालौन में बसपा दूसरे नंबर पर रही। हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी और झांसी-ललितपुर सीटों पर सपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। चारों सीटों पर बसपा को 8 लाख 77 हजार 859 और सपा को 9 लाख 43 हजार 168 वोट मिले। भाजपा ने इन दोनों दलों से ज्यादा अकेले दम 19 लाख 19 हजार 515 वोट हासिल किए थे।