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बिकरू कांड में एक और चौंकाने वाला खुलासा, ईओडब्ल्यू की जांच में फंसा था जय, तीन साल दबाए रहे रिपोर्ट
Fri, 15 Jan 2021 12:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 15 Jan 2021 12:29 PM IST
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विकास दुबे: जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
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बिकरू कांड में जेल गया विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई तीन साल पहले भी आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में फंस चुका है। जय, उसके भाइयों और करीबियों के खिलाफ ईओडब्लयू ने बेनामी संपत्तियों, हवाला का कारोबार और अपराधियों से सांठगांठ होने का दावा किया था।
आईपीएस अनंत देव तिवारी व जय वाजपेयी।
- फोटो : amar ujala
पुलिस, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को जांच रिपोर्ट भेजकर खुली जांच कराने की सिफारिश की थी लेकिन हर विभाग ने रिपोर्ट दबाए रखी। बिकरू कांड के बाद एसआईटी और ईडी ने अपनी जांच में इस रिपोर्ट को और जांच अधिकारी के बयान शामिल किए हैं। जय बाजपेई और उसका परिवार कुछ ही समय में करोड़पति बना। वर्ष 2017 में उसके खिलाफ शासन से शिकायत की गई।
विकास दुबे: जय की पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
इसमें बेनामी संपत्ति समेत अन्य आरोप लगाए गए थे। शासन ने ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी और इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने जांच की। इसमें खुलासा हुआ था कि जरायम के जरिये की गई अवैध कमाई से जय व उसके भाइयों ने संपत्ति अर्जित की है। आय से अधिक संपत्ति के भी साक्ष्य मिले थे। जय ने अपने रसूख और पुलिस अफसरों से सांठगांठ के चलते तीन साल तक रिपोर्ट दबवाए रखी।
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विकास दुबे का करीबी जय
- फोटो : अमर उजाला
हवाला का बड़ा कारोबार
ईओडब्लयू की जांच में खुलासा हुआ था कि जय व उसके करीबी बीसी के साथ बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवाते हैं। इसकी रकम हवाला के जरिये इधर से उधर होती थी। जांच अधिकारी के मुताबिक प्रारंभिक साक्ष्य भी मिले थे। जय के करीबी व उसके घर पर रहने वाले पुलिसकर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। उनकी भी जांच की सिफारिश की गई थी।
ईओडब्लयू की जांच में खुलासा हुआ था कि जय व उसके करीबी बीसी के साथ बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवाते हैं। इसकी रकम हवाला के जरिये इधर से उधर होती थी। जांच अधिकारी के मुताबिक प्रारंभिक साक्ष्य भी मिले थे। जय के करीबी व उसके घर पर रहने वाले पुलिसकर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। उनकी भी जांच की सिफारिश की गई थी।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी दौरों पर उठाए थे सवाल
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया था कि जय बाजपेई साल में कई-कई बार दुबई समेत अन्य देशों के दौरे पर जाता था। जय स्पष्ट नहीं कर सका था कि आखिर बार-बार वह विदेश क्यों जाता था। आशंका थी कि अवैध रकम इधर से उधर करने के लिए यह पूरा खेल चल रहा है। चूंकि ईओडब्ल्यू ने शुरुआती जांच की थी, बाद में विस्तृत जांच नहीं की गई। इसलिए सभी तथ्य सामने नहीं आ सके थे। मगर अब एक-एक परत खुलेगी। जांच अधिकारी अशोक कुमार के एसआईटी ने बयान लिए हैं।
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया था कि जय बाजपेई साल में कई-कई बार दुबई समेत अन्य देशों के दौरे पर जाता था। जय स्पष्ट नहीं कर सका था कि आखिर बार-बार वह विदेश क्यों जाता था। आशंका थी कि अवैध रकम इधर से उधर करने के लिए यह पूरा खेल चल रहा है। चूंकि ईओडब्ल्यू ने शुरुआती जांच की थी, बाद में विस्तृत जांच नहीं की गई। इसलिए सभी तथ्य सामने नहीं आ सके थे। मगर अब एक-एक परत खुलेगी। जांच अधिकारी अशोक कुमार के एसआईटी ने बयान लिए हैं।