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PHOTOS: यहां दिखा ‘जल प्रलय’ सा नजारा- ढह गया स्कूल, ग्रामीणों का पलायन

Sun, 13 Aug 2017 11:29 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 13 Aug 2017 11:29 AM IST
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school collapsed due to devastation of water villagers are fleeing
बीघापुर के लालखेड़ा गांव में तेज कटान से ढह गया उच्चप्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

यूपी के उन्नाव में नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद से तेजी से उफनाई गंगा नदी चेतावनी बिंदु के पार हो गई। गंगा के सैलाब से गंगा से जुड़ी नदियां और नाले भी उफान पर हैं। नदी से सटे गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बीघापुर का लालपुर गांव गुरूवार रात से जल प्रलय की चपेट में है। गांव का तहसील से संपर्क कट गया है। लोग करीब पच्चीस किमी का चक्कर लगाकर फतेहपुर के चौडगरा से गांव पहुंच रहे हैं। तेज कटान होने से गांव के बाहर बना उच्चा प्राथमिक स्कूल का आधा हिस्सा ढह गया।

 

school collapsed due to devastation of water villagers are fleeing
गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी मुश्किलें

जमीन दलदली हो जाने से कच्चे-पक्के मकान ढहने लगे हैं। तेज कटान जारी होने से ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेट पलायन कर रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि गांव को खाली कराया जा रहा है। यहां रह रहे लोगों को फतेहपुर के शिवराजपुर में शिफ्ट कराया जा रहा है। 

 

school collapsed due to devastation of water villagers are fleeing
कटान तेज होने से गृहस्थी समेटकर पलायन करते ग्रामीण।

गंगा और पांडु नदी के बीच स्थित बीघापुर तहसील के लालखेड़ा गांव में गंगा के सैलाब ने जल प्रलय मचा दी है। गांव के बाहर बना उच्चप्राथमिक स्कूल रातों रात ढह गया। कटान इतना तेज है कि गंगा की धारा से पचास मीटर दूरी पर स्थित राम नगीना यादव का कच्चे मकान सैलाब में समा गया है। यहीं के रामू के पक्के मकान की नींव धंसने से छत ढह गई है। परिवार अपनी गृहस्थी समेटकर पलायन कर रहा है। भोला यादव भी पूरी गहस्थी ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर परिवार सहित शिवराजपुर की ओर कूच कर गए।  

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-कच्चे मकानों की दीवार में पड़ी दरारे दिखाती कनकलता।
नदी से करीब दो मीटर की दूरी पर स्थित कनकलता लता उसका परिवार दहशत में है। कच्चे मकान की दीवारें दरक चुकी हैं। वह बच्चों लेकर गांव छोड़ रही है। ग्राम प्रधान चंद्रावती ने बताया कि 1500 आबादी वाले इस गांव में ऐसी बाढ़ कभी नही आई। उन्होंने बताया कि प्रशासन को बाढ़ और उससे हो रहे नुकसान की सूचना दे दी गई है लेकिन अबतक कोई अधिकारी गांव नहीं आया। बताया कि राजस्व विभाग के कुछ लोग आए थे और खतरे को देखते हुए गांव खाली करने की हिदायत देकर चले गए।
 
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तेज कटान से ढह गया उच्चप्राथमिक विद्यालय
स्कूल दिन में ढहता तो जाती कई बच्चों की जान
गनीमत रही कि प्राथमिक विद्यालय रात में ढहा अगर शुक्रवार सुबह हादसा हुआ होता तो बड़ा हासदा भी हो सकता था। खंड शिक्षाधिकारी सुषमा सेंगर ने बताया कि उच्चप्राथमिक स्कूल में 85 छात्र और प्राथमिक स्कूल में 33 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल ढहने और गांव में बाढ़ के चलते फतेहपुर के शिवराजपुर परिषदीय विद्यालय शिफ्ट करने की बात कही। स्कूल ढहने की सूचना पर खंड शिक्षाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने शिक्षक विजय कुमार, पुनीत, नीलम व प्राथमिक के टीचर धीरेंद्र, शक्ति प्रताप को शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। 
 
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