{"_id":"5c7e8765bdec222dcd5a73ea","slug":"salman-khurshid-statement-on-air-strike","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एयर स्ट्राइक पर सलमान खुर्शीद ने दिया बड़ा बयान, बोले..दुश्मन मुल्क को एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एयर स्ट्राइक पर सलमान खुर्शीद ने दिया बड़ा बयान, बोले..दुश्मन मुल्क को एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए
Wed, 06 Mar 2019 07:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 06 Mar 2019 07:12 AM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद के कायमगंज में मंगलवार को पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्या का हल कांग्रेस सरकार में किया जाएगा। यह मामला लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल होगा। एयर स्ट्राइक पर सरकार व विपक्ष के बीच चल रही बयानबाजी के सवाल पर कहा कि दोनों में मतभेद नहीं होना चाहिए। देशहित में एक आवाज होनी चाहिए।
डेमो
नगर से सटे गांव पितौरा स्थित अपने आवास पर पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश के शिक्षामित्रों की ज्वलंत समस्या है। शिक्षामित्रों को दस बारह वर्ष का अनुभव होने के बावजूद टीईटी से गुजरना पड़ता है। ऐसे में शिक्षामित्रों की समस्या को कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
डेमो
साथ ही पुलिस भर्ती में कोर्ट से लगी रोक पर संज्ञान लेते हुए उनकी समस्याओं को हल कराया जाएगा। इन समस्याओं से इस जनपद के काफी युवा प्रभावित हैं। एयर स्ट्राइक पर हो रही राजनीति के सवाल पर कहा कि आपस में मतभेद नहीं दिखाना चाहिए। हमारे दुश्मन मुल्क को एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो
सरकार व विपक्ष एक मत हों। यह दोनों के प्रयास से ही संभव हो सकता है। मेरा मानना है कि ऐसे मामले में सवाल न उठे तो अच्छा है। हम लोग बाहर वालों के सामने बंटे हुए नहीं दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब एक तरफ से श्रेय लेने की आवाज उठती है तो दूसरी तरफ से भी आवाज उठने लगती है। फिर यह राजनीति हो जाती है।
विज्ञापन
डेमो
ऐसे मामलों के विशेषज्ञ भी हैं। उन्हें ही बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो परमाणु शक्ति वाले देश को कोई लड़ने नहीं देगा। जब जंग की नौबत आएगी तो इसमें यूएनओ हस्तक्षेप करेगा। चर्चा होने से यदि मुठभेड़ हो जाती है तो उसे कोई न कोई देश आगे आकर रुकवा देगा। इसलिए सरकार को जो कुछ भी करना है वह खामोशी के साथ करती रहे। चर्चा करने से देश का नुकसान है।