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'दिल दाएं और जिगर बाएं' ये कुदरत का करिश्मा नहीं एक बीमारी है, ऐसे करें बचाव
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 08 Jan 2018 08:39 AM IST
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डेमो पिक
गर्भवती मां अगर लापरवाही बरतती है तो उसका सीधा असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। कई बार तो ऐसा भी हो जाता है कि गर्भस्थ शिशु के कई अंग अपनी मूल स्थिति से दूसरी जगह पर पहुंच जाते हैं। यूपी के कानपुर हैलट अस्पताल में हाल में ही एक मामला आया था। जिसमें व्यक्ति का दिल दाईं ओर था और जिगर बाएं तरफ। जबकि सामान्य व्यक्ति में इसका बिल्कुल उलट होता है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान मां की अनियमित दिनचर्या, नशे या कुछ विशेष प्रकार की दवाइयों के सेवन से ऐसा होता है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि रामादेवी निवासी एक व्यक्ति को एक जनवरी को निमोनिया की वजह से हैलट में भर्ती कराया गया था। जांचें की गईं तो पता चला कि उसका दिल बाएं की जगह दाईं ओर था। लिवर दाएं की बाएं ओर था। तिल्ली भी उल्टी तरफ थी। पित्ताशय भी अपनी जगह पर नहीं था। फेफड़े भी असामान्य थे। उसे डेक्ट्रोकार्डिया साइटस इंवरसस बीमारी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हैलट में पहले भी इस तरह के मरीज आ चुके हैं। इसे कंजनाइटल डिफेक्ट कहा जाता है।
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डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि गर्भ में तीन महीने में ही नवजात के अंग बन जाते हैं, फिर वे अपनी-अपनी निर्धारित पोजीशन लेने के साथ ही विकसित होने लगते हैं, पर यदि पेट में शिशु के विकास के दौरान मां ने लापरवाही बरती या कोई अन्य दिक्कत रही, तो ऐसा हो सकता है।
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ऐसे करें बचाव
गर्भावस्था के दौरान थ्रीडी अल्ट्रासाउंड कराएं। डॉ. प्रेम सिंह के अनुसार यदि नवजात को इस तरह की दिक्कत हो तो उसी समय गर्भ में ही ऑपरेशन कर दिक्कत दूर की जा सकती है। दिल्ली, हैदराबाद आदि में कार्डियक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट ऐसे आपरेशन करने लगे हैं।
गर्भावस्था के दौरान थ्रीडी अल्ट्रासाउंड कराएं। डॉ. प्रेम सिंह के अनुसार यदि नवजात को इस तरह की दिक्कत हो तो उसी समय गर्भ में ही ऑपरेशन कर दिक्कत दूर की जा सकती है। दिल्ली, हैदराबाद आदि में कार्डियक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट ऐसे आपरेशन करने लगे हैं।
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कंजनाइटल डिफेक्ट की वजह
-गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं खाना
-गर्भावस्था में एक्सरे या अन्य तरह के रेडिएशन के प्रभाव में आना
-गुटखा, शराब के सेवन से भी बच्चे को इस तरह की दिक्कत या मंदबुद्धि होने की आशंका रहती है।
-अधिक उम्र में विवाह
-अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव
-गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं खाना
-गर्भावस्था में एक्सरे या अन्य तरह के रेडिएशन के प्रभाव में आना
-गुटखा, शराब के सेवन से भी बच्चे को इस तरह की दिक्कत या मंदबुद्धि होने की आशंका रहती है।
-अधिक उम्र में विवाह
-अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव