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यूपी का ये हाईवे बना 'डेथ प्वाइंट', 2017 में 402 की गई जान, जरा देख के चलें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 08 Jan 2018 08:38 AM IST
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यूपी के उन्नाव जिले में अन्ना जानवर किसानों के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था के लिए खतरा बने हैं। हालत यह है कि शहर की सड़कों के साथ ही एक्सप्रेस-वे पर मवेशियों की चहलकदमी लोगों की जान ले रही है। 2017 में हुए 411 सड़क हादसों में 402 की जान चली गई थी।
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हाईवे पर लखनऊ से कानपुर के बीच उन्नाव जिले की सीमा में नवाबगंज कस्बा, सोहरामऊ, अजगैन, सोनिक, दहीचौकी, गदनखेड़ा, गहिरा और आजाद मार्ग के आसपास अन्ना मवेशी हाईवे और डिवाइडर पर धमाचौड़ी करते हैं। इससे रोजाना कोई न कोई वाहन दुर्घटना का शिकार होता है।
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भी छोटे-बड़े जानवर आ जाते हैं। साल 2017 में जिले में 411 सड़क हादसों में 402 लोगों की मौत हुई थी। 398 लोग घायल हुए। इनमें से कई अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए इलाज करा रहे हैं।
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सुविधा के लिए ग्रिल तोड़ी
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर मवेशी सड़क तक न पहुंच सकें, इसके लिए छह फिट ऊंची ग्रिल लगवाई गई है। एक्सप्रेस वे के आसपास रहने वाले लोगों ने सुविधा के लिए कई जगह पर ग्रिल काट दी है। ऐसे में यहां से लोग तो निकलते ही हैं, मवेशियों को भी सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाने का रास्ता मिल जाता है। ऐसे में एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार में फर्राटा भरने वाले वाहन हादसों का शिकार हो जाते हैं।
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर मवेशी सड़क तक न पहुंच सकें, इसके लिए छह फिट ऊंची ग्रिल लगवाई गई है। एक्सप्रेस वे के आसपास रहने वाले लोगों ने सुविधा के लिए कई जगह पर ग्रिल काट दी है। ऐसे में यहां से लोग तो निकलते ही हैं, मवेशियों को भी सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाने का रास्ता मिल जाता है। ऐसे में एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार में फर्राटा भरने वाले वाहन हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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अन्ना मवेशियों से नहीं मिली निजात
शहर का भी हाल खराब है। मुख्य मार्ग पर सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, मोतीनगर, गदनखेड़ा बाईपास, बस स्टेशन, आवास विकास कालोनी और जिला अस्पताल रोड पर जानवरों की धमाचौकड़ी रहती है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त है। हादसे भी होते हैं। नगर पालिका ने डीएम की सख्ती के बाद एक सप्ताह पहले अभियान चलाकर 60 मवेशी पकड़े थे। इनमें लगभग दो दर्जन को जुर्माना लेने के बाद छोड़ दिया गया। इस बीच अभियान भी ठंडा पड़ गया।
शहर का भी हाल खराब है। मुख्य मार्ग पर सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, मोतीनगर, गदनखेड़ा बाईपास, बस स्टेशन, आवास विकास कालोनी और जिला अस्पताल रोड पर जानवरों की धमाचौकड़ी रहती है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त है। हादसे भी होते हैं। नगर पालिका ने डीएम की सख्ती के बाद एक सप्ताह पहले अभियान चलाकर 60 मवेशी पकड़े थे। इनमें लगभग दो दर्जन को जुर्माना लेने के बाद छोड़ दिया गया। इस बीच अभियान भी ठंडा पड़ गया।