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असल गरमी खून मा नाहि.. जून मा होत है- राजू श्रीवास्तव
Mon, 10 Jun 2019 12:08 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 10 Jun 2019 12:08 PM IST
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राजू श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
कोई इस चांद से पूछे कि उसका मजहब क्या है.. कल ईद पे हंस रहा था.. आज तीज पे मुस्कुरा रहा है.. ईद माने उत्सव.. बढ़िया बढ़िया मिठाई अउर पकवान.. सिंवई.. दही केर फुल्की.. दही बड़ा .. बिरयानी.. कोरमा.. जर्दा पुलाव.. मतलब जबरदस्त हौंके का इन्तिजाम.. हमहूं गए रहेन आपन रावतपुर वाले दोस्त खालिद अकबर के हिंया.. हम अउर संतोस हुंवा अईस बमपिलाट पेल के सुताई किहेन कि दुई घंटा वहीं पौढे रहे..
राजू श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
अच्छा दुई घंटा बाद जब खालिद भाई के हिंया से हम निकरे तो संतोस हमसे कहे लाग.. चलौ अब सुजातगंज.. मकबूल भाई के हिंया सूता जाय .. हम कहा हैजा करवइयां हौ का बे.. चलो मकबूल के हिंया मगर हुंवा जादा लबर लबर ना करेव.. खाली सिंवई अउर चाय पिहेव.. फिर वही भा.. मकबूल भाई के हिंया जाय के संतोस फिर फईल गे.. खूब पेलिन.. दूसर दिन जब हम उनके घरे गयेन तो पता चला संतोस की तिरछी चलि रहि.. दे लैट्रीन दे लैट्रीन.. सब छिया छापट करि दिहिन संतोस..
राजू श्रीवास्तव
हम कहा संतोस हम चमनगंज इमरान भाई के हिंया जाय रहे हैं.. चलिहौ !!.. तो खिसियाय गे.. खैर दोस्तों दिल्ली केर आदमीयन के मजे हुई गे.. अब उई लोगे हर काम आपन मेहरारू पे डारि सकत हैं.. कि तुमही जाय के करी लिहेव.. तुम्हरा तो टिकटौ नाहि लगिहै.. अउर उधिर केजरीवाल कहि रहे हैं कि उनकी इंदिरा गांधी के जइसन हत्या हुई सकत है.. हम कहा यार तुम्हरी हैसियत खाली थप्पड़ खाय की है.. प्रधानमंत्री वाले शौक ना पालौ.. हमका तो लगत है कि सिरिफ महिलाओं खातिर बस अउर मेट्रो फ्री करि के केजरीवाल सबै पुरुष लोगन से थप्पड़ का बदला लिहिन है.. अभीन पिछले दिनों पर्यावरण दिवस रहा.. हमरे नौबस्ता वाले दोस्त संकठा पौधा लगावत रहे कि तभीने उनका पुलिस पकरि के लई गयी.. ऊ तो बाद मा पता चला कि सरऊ गांजे का पौधा लगावत रहैं..
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राजू श्रीवास्तव
अउर जब पुलिस पकड़िस तो कहत रहैं कि पौधा ही तो आय.. सुना है उनकी तशरीफ पे अईस डंडारोपण भवा.. कि तब से उई सबै काम खड़े खड़े करि रहे हैं.. वइसे भी गरमी बहुत पड़ि रहि आय.. अईस गरमी मा लोगे पांच छह बाल्टी पानी कूलर मा तो डारि देत हैं मगर एक बाल्टी पानी कौनो पेड़ पौधन मा नाही डारत हैं.. अउर फिर कहत हैं कि गरमी बहुत है.. हमरे एक दोस्त हैं बांसमंडी वाले बैजनाथ ठाकुर.. अक्सर कहत रहैं.. कि गरमी तो हम ठाकुर लोगन के खून मा होत है.. कल मिले तो कहत रहैं कि असल गरमी तो जून मा होत है.. उधिर नई सड़क वाले पुत्तन पंद्रह दिन हुई गे.. उई आपन घरे से बाहरै नाही निकरे.. हम उनसे कहा कि यार मानित है कि बहुत भयंकर गरमी चलि रहि आय मगर एका ई मतलब तो नाही कि तुम घरे मा घुसे रहौ.. तो पुत्तन कहिन घर से बाहर निकरे मा गरमी से डर नाही लगत साहब.. डर तो ई बात का आय कि कहूं कोऊ हमका पकड़ के कांग्रेस अध्यक्ष ना बना दे ..
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों मोदी जी केदारनाथ केर गुफा में जाय के जौने मेडीटेसन किहिन.. भईया हम उससे बहुत प्रभावित भयेन.. तो हमरे मन मा आवा कि हमहूं केदारनाथ जाय के मेडीटेसन कीन जाय.. ताकि आपन घर के पीएम बनि जांय.. ई बात जब हम आपन पत्नी का बतावा तो उई भड़क गयी अउर सवालन की मशीनगन चालू करि दिहिस.. उई कहे लाग अब ई कऊन सी नयी नौटंकी आय?.. तुम हुंवा जाय के का उखाड़ लेहौ?.. सच सच बताव.. केदारनाथ जईहौ या गोवा?.. हम तुम्हरे साथे आपन भाई के हिंया चले का कहा रहै तो तुम्हरा काम का नुकसान होत रहा..